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World Alzheimer’s Day: युवाओं को अल्जाइमर का कितना खतरा? कहीं आप तो नहीं हो रहे शिकार, 5 तरीकों से करें पहचान

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हाइलाइट्स

अल्जाइमर की वजह से लोगों की मेमोरी वीक हो जाती है.
इस बीमारी की वजह से ब्रेन डैमेज होना शुरू हो जाता है.

Alzheimer’s Disease Symptoms & Treatment: छोटी-छोटी बातें भूलने की परेशानी का सामना अधिकतर लोग करते हैं. कई लोगों की यह समस्या काफी बढ़ जाती है और वे अपनी दैनिक जरूरतों का भी ध्यान नहीं रख पाते हैं. आसान भाषा में कहें, तो कई लोगों की याददाश्त कमजोर हो जाती है. अक्सर ऐसा बुजुर्गों के साथ होता है, लेकिन तमाम युवा भी भूलने की परेशानी से जूझते हुए नजर आते हैं. बात-बात पर चीजों को भूलना नॉर्मल नहीं होता है, बल्कि यह किसी बीमारी का संकेत भी हो सकता है. अल्जाइमर (Alzheimer’s) एक ऐसी ही बीमारी है, जिसमें लोगों की याददाश्त कमजोर हो जाती है. आमतौर पर इस बीमारी की चपेट में ज्यादा उम्र के लोग आते हैं. अब सवाल उठता है कि युवाओं को अल्जाइमर का कितना खतरा होता है. आज विश्व अल्जाइमर दिवस (World Alzheimer’s Day) के मौके पर न्यूरोलॉजिस्ट से अल्जाइमर से जुड़ी जरूरी बातें जान लेते हैं.

नई दिल्ली के मूलचंद हॉस्पिटल के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. नीरज कुमार के मुताबिक अल्जाइमर ब्रेन से जुड़ा एक प्रोग्रेसिव न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर होता है. इस डिसऑर्डर की वजह से लोगों की याददाश्त काफी कमजोर हो जाती है. इस बीमारी से जूझने वाले लोग अपनी दैनिक जरूरत की चीजों को भी भूलने लगते हैं. जब यह बीमारी बुरी तरह फैल जाती है, तब लोग अपने घर का पता भी भूल जाते हैं. ऐसे में जिंदगी बेहद मुश्किल हो जाती है. अल्जाइमर डिमेंशिया का सबसे कॉमन टाइप होता है. इस बीमारी से ब्रेन सिकुड़ने लगता है और ब्रेन सेल्स डैमेज होना शुरू हो जाती हैं. अल्जाइमर की वजह से लोगों के सोचने-समझने और व्यवहार की क्षमता खत्म होने लगती है. वे सामाजिक गतिविधियों में भाग नहीं ले पाते और कई बार बोलने के दौरान दिक्कत महसूस करते हैं. इस बीमारी की रफ्तार सही इलाज के जरिए कुछ कम की जा सकती है, लेकिन अल्जाइमर की बीमारी को पूरी तरह कंट्रोल नहीं किया जा सकता है.

अल्जाइमर डिजीज के प्रमुख लक्षण

– हाल की बातचीत या घटनाओं के बारे में भूलना
– जरूरत की चीजों को गलत जगह पर रखना
– अक्सर जगह और चीजों के नाम भूल जाना
– बातचीत करने में काफी परेशानी होना
– बार-बार सवाल पूछना, फैसला न ले पाना

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किस उम्र के लोगों को ज्यादा खतरा?

डॉ. नीरज कुमार कहते हैं कि अल्जाइमर की बीमारी का सबसे ज्यादा खतरा बुजुर्गों को होता है. इस उम्र में बड़ी तादाद में लोग इस खतरनाक बीमारी का शिकार हो जाते हैं, जिसके बाद यह बीमारी धीरे-धीरे बढ़ती रहती है. 90 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों को इस बीमारी का खतरा 50 प्रतिशत होता है. 80 से 90 साल के उम्र के लोगों को अल्जाइमर होने का जोखिम 10 से 20 प्रतिशत होता है. 70 से कम उम्र के लोगों को अल्जाइमर का खतरा रेयर होता है. हालांकि डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और जेनेटिक कारणों की वजह से युवा भी इसकी चपेट में आ सकते हैं. इसके अलावा भी कई अन्य न्यूरोलॉजिकल फैक्टर इस बीमारी के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं. अगर किसी को भूलने की बहुत ज्यादा समस्या है, तो तुरंत न्यूरोलॉजिस्ट से संपर्क कर परामर्श लेना चाहिए.

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Author: Gypsy News

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