निज्‍जर मर्डर केस: धीमा रिस्‍पॉन्‍स, आपसी लड़ाई और नाकाम जांच, वाशिंगटन पोस्‍ट ने ट्रूडो सरकार को घेरा

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नई दिल्ली. भले ही कनाडा (Canada) के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) ने भारत पर खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था, जिसे भारत ने ‘प्रेरित और बेतुका’ कहकर खारिज कर दिया था. लेकिन इससे कनाडाई सरकार की मुश्किलें खत्‍म नहीं हुई हैं. वाशिंगटन पोस्ट ने अपनी खबर में कहा है कि यह मर्डर केस धीमे रिस्‍पॉन्‍स, आपसी लड़ाई और नाकाम जांच के लिए पहचाना जाएगा. वाशिंगटन पोस्ट ने 90 सेकंड के एक वीडियो की समीक्षा की है, जिसे जांचकर्ताओं के साथ शेयर किया गया है और गवाहों से बात की गई है.

दरअसल, ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में गुरु नानक सिख गुरुद्वारे के अध्यक्ष 45 वर्षीय निज्जर की 18 जून को पार्किंग स्थल के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. समुदाय के सदस्यों का कहना है कि जांचकर्ताओं ने उन्हें बताया कि हमलावरों ने लगभग 50 गोलियां चलाईं, जिनमें से 34 निज्जर को लगीं.

90 सेकंड के वीडियो में दिल दहला देने वाला नजारा
वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, 90 सेकंड के इस वीडियो में निज्जर के ग्रे पिकअप ट्रक को पार्किंग स्थल से बाहर निकलते हुए दिखाया गया है और बगल से एक सफेद सेडान समानांतर चल रही है. जैसे ही वाहन पार्किंग स्थल से बाहर निकलते हैं. सेडान, ट्रक को रोक देती है. हुड वाली स्वेटशर्ट पहने दो आदमी बाहर आते हैं और ड्राइवर की सीट पर बंदूक तान देते हैं. फिर सेडान और दो आदमी पार्किंग स्थल से बाहर निकल जाते हैं.

हमलावरों का पीछा करने की कोशिश
उस समय गुरुद्वारे के स्वयंसेवक भूपिंदरजीत सिंह, जो लगभग 100 गज दूर कबड्डी पार्क में फुटबॉल खेल रहे थे. वे ही सबसे पहले ट्रक तक पहुंचे और उन्हें पता चला कि निज्जर मर चुका है. जल्द ही, एक अन्य गुरुद्वारा नेता, गुरुमीत सिंह तूर, अपने पिकअप ट्रक में आ गए. फिर दोनों हमलावरों की तलाश में निकल पड़े.

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दो शूटर्स थे जो भाग कर सिल्‍वर कार में बैठे
गुरुद्वारा समिति के सदस्य मलकीत सिंह, जो फुटबॉल भी खेल रहे थे, ने दो हुड पहने लोगों को नजदीक के कौगर क्रीक पार्क की ओर भागते और इंतजार कर रही सिल्वर कार में चढ़ते देखा गया. यहां तीन अन्य आदमी उनका इंतज़ार कर रहे थे. उन्होंने वाशिंगटन पोस्ट को बताया कि वह उनके चेहरे स्पष्ट रूप से नहीं देख सके, लेकिन दो निशानेबाजों में से एक ने कार में बैठने और गाड़ी चलाने से पहले उन पर बंदूक तान दी थी. तभी उन्हें भूपिंदरजीत सिंह का फोन आया और कहा कि निज्जर की गोली मारकर हत्या कर दी गई है. गुरुद्वारे के कार्यवाहक चरणजीत सिंह, निज्जर के शव के साथ रहे.

कौन करेगा जांच, इसमें ही पुलिस उलझी रही 
रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) इंटीग्रेटेड होमिसाइड इन्वेस्टिगेशन टीम ने कहा कि उन्हें गोलीबारी की पहली रिपोर्ट रात 8.27 बजे मिली. प्रत्यक्षदर्शियों ने द वाशिंगटन पोस्ट को बताया कि इलाके में नियमित गश्त को देखते हुए पुलिस को पहुंचने में 12 से 20 मिनट का समय लगा, जो उन्हें चौंकाने वाला है. भूपिंदरजीत सिंह के मुताबिक, अधिकारियों के पहुंचने के बाद भी सरे पुलिस और आरसीएमपी के बीच इस बात पर घंटों तक खींचतान चली कि जांच का नेतृत्व कौन करेगा. वाशिंगटन पोस्ट में कहा गया है कि न तो आरसीएमपी और न ही उसकी हत्या जांच टीम ने दावे का जवाब दिया.

शूटर्स और कार की पहचान करने में जनता से मांगी मदद 
अधिकारियों ने 21 जुलाई को जनता से दो बंदूकधारियों की पहचान करने में मदद मांगी गई, जबकि 16 अगस्त को उन्होंने सिल्वर 2008 टोयोटा कैमरी और ड्राइवर की पहचान करने में मदद मांगी. पोस्ट के अनुसार, हमलावरों के रास्ते में आने वाले 39 दुकानों और घरों में से अधिकांश ने कहा कि अधिकारियों ने उनसे संपर्क नहीं किया है. उन्होंने सार्वजनिक रूप से सेडान या उसमें सवार लोगों के बारे में भी चर्चा नहीं की है, जैसा कि मलकीत सिंह ने दावा किया है.

मांगने के बाद भी निज्‍जर को अधिक सुरक्षा क्‍यों नहीं दी गई 
इस बीच, समुदाय के सदस्यों को आश्चर्य हुआ कि निज्जर को अधिक सुरक्षा क्यों नहीं दी गई, जो उनके बेटे बलराज सिंह निज्जर ने कहा था कि उन्होंने जान से मारने की धमकियों के बाद सुरक्षा की मांग की थी. उनके बेटे ने कहा कि काश वह बुलेटप्रूफ कार चलाते, जो ब्रिटिश कोलंबिया में अवैध है, या बुलेटप्रूफ जैकेट पहनते, जिसके लिए परमिट की आवश्यकता होती है.

निज्‍जर के ट्रक के व्‍हील में ट्रैकर मिला था, हिट लिस्‍ट में था नाम
ब्रिटिश कोलंबिया सिख गुरुद्वारा काउंसिल के प्रवक्ता मोनिंदर सिंह ने पोस्ट को बताया कि निज्जर के मैकेनिक को हाल ही में उसके ट्रक के व्हील वेल में एक ट्रैकर मिला था. मोनिंदर सिंह ने कहा कि संघीय अधिकारियों ने उन्हें बताया कि निज्जर की तरह उनका नाम भी हिट लिस्ट में आ गया है, लेकिन उन्होंने कोई और जानकारी नहीं दी या उन्हें यह नहीं बताया कि क्या इसे स्थानीय अधिकारियों के साथ साझा किया गया है. मलकीत सिंह ने कहा कि उनका केवल एक बार इंटरव्‍यू हुआ है और अभी तक कोई अपडेट नहीं मिला है.

Tags: Canada, India, Justin Trudeau, Khalistani terrorist

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