नई दिल्ली. पुलिस अक्सर 10 साल या 20 साल पुराने क्राइम केस को मेहनत और लगन से सुलझा लेने का दावा करती है. इस बाबत प्रेस विज्ञपति जारी कर अपनी टीम की वाहवाही भी की जाती है. अब एक ऐसा मामला सुलझा लेने का दावा किया जा रहा है जो 390 मिलियन यानी 3,246 करोड़ साल पुराना है. यह मर्डर मिस्ट्री पुलिस ने नहीं बल्कि वैज्ञानिकों ने सुलझाई है. दावा किया जा रहा है कि दुनिया के सबसे पुराने ‘हत्या रहस्य’ को सुलझा लिया गया है. यह मामला प्राचीन महाद्वीप गोंडवाना से समुद्री जानवरों के एक समूह के गायब होने से जुड़ा है.
लगभग 550 मिलियन वर्ष पूर्व से लेकर लगभग 180 मिलियन वर्ष पूर्व तक गोंडवाना, लौरेशिया के साथ-साथ एक महाद्वीप हुआ करता था. गोंडवाना में वर्तमान दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका, अरब, मेडागास्कर, भारत, ऑस्ट्रेलिया और अंटार्कटिका शामिल थे. ऐसा माना जाता है कि पानी में रहने वाले जानवरों का एक प्राचीन समूह माल्विनोक्सहोसन बायोटा पांच मिलियन वर्षों की अवधि में गोंडवाना से गायब हो गया. उनके गायब होने का कारण सदियों तक एक रहस्य बना रहा. अब एक ताजा अध्ययन में जलवायु परिवर्तन की ओर उंगली उठाई गई है. 13 अक्टूबर को अर्थ-साइंस रिव्यूज जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में पाया गया कि जलवायु परिवर्तन के कारण समुद्र के स्तर में नाटकीय गिरावट आई, जिससे समुद्री जानवरों का समूह खत्म हो गया.

समुद्र के स्तर में गिरावट बना कारण?
अध्ययन के प्रमुख लेखक कैमरून पेन-क्लार्क ने कहा, “यह 390 मिलियन वर्ष पुराना हत्या का रहस्य है.” शोधकर्ताओं के अनुसार, जिन्होंने माल्विनोक्सहोसन बायोटा से संबंधित सैकड़ों जीवाश्मों का पुनर्विश्लेषण किया. जल स्तर में कमी उनके विलुप्त होने के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं थी, लेकिन इसने उन जलवायु परिवर्तनों को जन्म दिया, जिनके लिए वे अनुकूलन नहीं कर सके. समुद्र के स्तर में गिरावट से दक्षिणी ध्रुव के चारों ओर समुद्री धाराएं बाधित हो गईं, जिन्हें “सर्कम्पोलर थर्मल बैरियर” के रूप में जाना जाता है, जिसने भूमध्य रेखा से गर्म पानी को ठंडे दक्षिणी पानी के साथ मिलाने में सक्षम बनाया.
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FIRST PUBLISHED : October 27, 2023, 20:21 IST





