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Apple ने मोबाइल इंडस्ट्री में शुरू किया ‘गंदा’ काम, अब एंड्रॉयड लेने वाले भी दुखी, हर किसी को चुकाने पड़ रहे एक्स्ट्रा पैसे!

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नई दिल्ली. Apple ने iPhone 12 Series के बाद से ही बॉक्स के साथ चार्जर देना बंद कर दिया है. अब कंपनी केवल केबल देती है. कंपनी का मानना है कि इस कदम से पर्यावरण को बचाने में मदद मिलेगी. साथ ही कंपनी ने ये भी कहा था कि चूंकि लोगों के पास पहले से ही चार्जर होता है तो वे उनसे ही नए फोन को भी चार्ज कर पाएंगे. हालांकि, जो लोग पहली बार iPhone में स्विच कर रहे थे, उनके पास चार्जर नहीं था. इसलिए कंपनी की काफी आलोचना तब हुई.

सिर्फ इतना ही नहीं ब्राजील में ऐपल पर फोन के साथ चार्जर नहीं देने के लिए वहां की कोर्ट द्वारा जुर्माना भी लगाया था. वहां इस बिना चार्जर की बिक्री के इन फोन्स की बिक्री पर रोक भी लगाया था. बाद में ऐपल ने चार्जर के साथ फोन की बिक्री ब्राजील में शुरू की. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि ‘यह स्पष्ट है कि, ‘ग्रीन एनिशिएटिव’ के तहत, कंपनी ग्राहक पर चार्जर एडेप्टर की आवश्यक खरीद को थोपता है जो पहले प्रोडक्ट के साथ दिया जाता है. ब्राजील में इसकी जांच इसलिए की गई थी. क्योंकि, वहां माना गया था अधूरे उत्पाद की बिक्री उपभोक्ता के प्रति भेदभाव को दर्शाता है.

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अब Android कंपनियां भी यही करने लगीं
ऐपल ने ब्राजील में भले ही चार्जर देना शुरू कर दिया हो. लेकिन, भारत में दुनिया के बाकी बाजारों में अब भी नए iPhones की बिक्री बिना चार्जर के ही की जाती है. ऐपल ने जब 2020 में ये कदम उठाया था. तब कुछ एंड्रॉयड कंपनियों ने उसका मजाक भी उड़ाया था. इन बड़ी कंपनियों की लिस्ट में सैमसंग का भी नाम था. लेकिन, खुद सैमसंग ने भी अगले ही साल यानी 2021 से अपने हाई एंड स्मार्टफोन्स में चार्जर देना बंद कर दिया था. इसकी शुरुआत Galaxy S21 series के साथ हुई थी.

अब Google और Nothing जैसी कंपनियों ने भी अपने फोन्स के साथ चार्जर देना बंद कर दिया है. यहां तक की भारत में फिर से एंट्री लिए Honor ने भी अपने नए Honor 90 5G के साथ चार्जर को देना बंद कर दिया है. यानी शुरुआत में सिर्फ ऐपल यूजर्स दुखी थे और अब एंड्रॉयड यूजर्स को भी इसके लिए पैसे खर्च करने पड़ते हैं.

इसलिए चार्जर खरीदना हो जाता है जरूरी:
उदाहरण के तौर पर आपने सैमसंग का एक फोन खरीदा जिसमें चार्जर नहीं मिला. ये फोन किसी ऑथेंटिक थर्ड पार्टी स्टैंडर्ड USB Type-C चार्जर से चार्ज हो जाएगा. लेकिन, जरूरी नहीं उसमें सैमसंग का फास्ट चार्ज फीचर सपोर्ट करे. ऐसे में फास्ट चार्जिंग के लिए आपको सैमसंग का चार्जर खरीदना जरूरी हो जाता है. ऐसे में एक तरह से कहा जा सकता है कि कंपनियां इनकंप्लीट प्रोडक्ट बेच रही हैं. जो ग्राहकों का हक का मारने वाली बात है. इससे जाहिर तौर पर कंपनियां को अतिरिक्त मुनाफा होता है.

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Author: Gypsy News

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