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औषधि है यह मुरब्बा, दो साल तक नहीं होता खराब, खाने से पेट रहेगा साफ, बाजार में मिलेगा बस थोड़े दिन

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रूपांशु चौधरी/हजारीबाग. मुरब्बा खाना सबको पसंद होता है. चाहे वह आंवला का मुरब्बा हो या फिर पेठा का, लेकिन इन सब के इतर अब लोग बेल का मुरब्बा भी खाना खूब पसंद कर रहे हैं. जिस तरह गर्मियों में मिलने वाले बेल का शरबत पेट के लिए फायदेमंद होता है, उसी प्रकार बेल का मुरब्बा भी कई औषधीय गुणों से भरपूर होता है. पूर्व के समय में यह मुरब्बा हजारीबाग में नहीं मिलता था, लेकिन अब यहां ऐसा स्टॉल आया है, जहां यह मुरब्बा उपलब्ध है.

हजारीबाग के मटवारी गांधी मैदान में लगे हुए डिजनीलैंड मेले में बनारस स्पेशल आचार भंडार का स्टॉल आया है. इस स्टॉल पर 18 प्रकार के खट्टे अचार हैं, वहीं 10 प्रकार के मीठे अचार हैं. इन्हीं मीठे अचार में एक है बेल का मुरब्बा. इस मुरब्बे की कीमत 240 रुपये किलो और 70 रुपए में 250 ग्राम है. बनारस स्पेशल आचार भंडार के संचालक प्रेम बताते हैं कि यह मुरब्बा हम लोग बनारस के दालमंडी में तैयार करते हैं. इसे लोग खूब पसंद कर रहे हैं. यह बेल का मुरब्बा एक सीमित समय में ही बाजारों में मिलता है. इस बेल के मुरब्बे को 2 साल तक घरेलू तापमान में रखा जा सकता है.

ये है रेसिपी
संचालक प्रेम आगे बताते हैं कि इस बेल का मुरब्बा को बनाने के लिए सर्वप्रथम कच्चे बेल को पानी में 10 मिनट उबाला जाता है, ताकि वह अपने सख्त छिलके छोड़ दे. फिर इसे छीलकर इसे गोल गोल आकार में काट कर पुनः पानी में उबाला जाता है. फिर इसे चीनी की चाशनी में डाल दिया जाता है. फिर इसे शीशे में बरनी में भरकर 15 दिन धूप लगाया जाता है. एक बार बना बेल का मुरब्बा लगभग 2 सालों तक खराब नहीं होता है.

औषधीय गुण से भरपूर
हजारीबाग आयुर्वेदलम के डॉक्टर राजेश मिश्रा बताते हैं कि बेल का मुरब्बा काफी फायदेमंद है. बेल का मुरब्बा खाने से ब्लड सर्कुलेशन सही रहता है. यह एनीमिया की समस्या में भी कारगर है. साथ ही ये गैस, बदहजमी भी ठीक करता है. इसे खाने से पाचन तंत्र ठीक रहता और कब्ज की भी समस्या खत्म होती है.

यहां करें खरीदारी
इन बेल के मुरब्बे की खरीदारी करने के लिए आपको हजारीबाग के मटवारी गांधी मैदान में लगे हुए डिजनी लैंड मेले में आना होगा. यहां पर कांटेक्ट नंबर A 16 में यह बांस के मुरब्बा उपलब्ध है.

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Gypsy News
Author: Gypsy News

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