30 की उम्र में कितना खाना चाहिए नमक? ICMR-ncdir के निदेशक से जानें एज के हिसाब से उचित मात्रा

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Recommended Salt intake Per day by Age: नमक के लिए हमेशा कहा जाता है कि स्‍वादानुसार लेकिन स्‍वाद का मतलब यह नहीं है कि नमक खाने की कोई उचित मात्रा ही नहीं होती या फिर स्‍वाद के चक्‍कर में आप जितना मर्जी नमक या इससे तैयार चीजें खा लें. अगर आप दिनभर में बैठे-बैठे नमकीन चीजें पेट में डालते रहते हैं या सब्‍जी दाल में ऊपर से नमक डालकर खाते हैं तो जान लें कि विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन की ओर से रोजाना नमक खाने के लिए एक पैमाना तय किया गया है. इससे ज्‍यादा मात्रा लेने पर आपको हाइपरटेंशन से लेकर स्‍ट्रोक जैसी बीमारियों का खतरा होना तय है.

हाल ही में नेचर जर्नल में प्रकाशित ICMR-एनसीडीआईआर की स्‍टडी बताती है कि भारतीय लोग रोजाना की तय मात्रा से 60 फीसदी ज्‍यादा नमक खा रहे हैं. आईसीएमआर-NCDIR के निदेशक और स्‍टडी के प्रिंसिपल इन्‍वेस्टिगेटर डॉ. प्रशांत माथुर News18.hindi से बातचीत में कहते हैं कि वर्ल्‍ड हेल्‍थ ऑर्गनाइजेशन की ओर से रोजाना नमक खाने की अधिकतम मात्रा 5 ग्राम तय की गई है, जबकि स्‍टडी कहती है कि भारत में औसतन 8 ग्राम नमक प्रतिदिन खाया जा रहा है, जो कि औसत से 3 फीसदी ज्‍यादा है.

मोटे लोग खा रहे सबसे ज्‍यादा नमक
स्‍टडी के मुताबिक महिलाओं के मुकाबले पुरुष ज्‍यादा नमक की मात्रा ले रहे हैं. जहां पुरुष रोजाना 8.9 ग्राम, वहीं महिलाएं 7.1 ग्राम, तंबाकू खाने वाले 8.3 ग्राम साल्‍ट इंटेक कर रहे हैं. जबकि मोटे लोग 9.2 ग्राम सबसे ज्‍यादा नमक रोजाना खा रहे हैं. यह औसत पैमाने के दोगुने से बस कुछ ही कम है.

कैसे खा रहे हैं नमक, जान लें
डॉ. प्रशांत माथुर कहते हैं कि नमक खाने से मतलब सिर्फ ये नहीं है कि सब्‍जी, दाल या सलाद में नमक ज्‍यादा डालकर खा रहे हैं तो बस वही नमक हमारे शरीर में पहुंच रहा है. यह छुपे रूप से भी हमारे शरीर में पहुंचता है. जैसे दिनभर में चिप्‍स, कुरकुरे, पापड़, अचार, कुछ जंक फूड्स जैसे फ्रेंच फ्राइज, चिली पटेटो, बर्गर-पिज्‍जा या बाहर के खाने से भी नमक शरीर में पहुंचता है और इसका अंदाजा भी नहीं लगता.

30 की उम्र में कितना नमक खाना चाहिए?
स्‍टडी बताती है कि भारत में अगर नमक की इस मात्रा को डब्‍ल्‍यूएचओ के बताए पैमाने 5 ग्राम तक सीमित कर दिया जाए तो हाई ब्‍लड प्रेशर को 25 परसेंट तक कम किया जा सकता है. डॉ. प्रशांत माथुर बताते हैं कि 30 की उम्र यानि कि सामान्‍य रूप से एडल्‍ट वर्ग के लिए 5 ग्राम नमक प्रतिदिन की मात्रा पर्याप्‍त है. इससे ज्‍यादा नमक का सेवन हाई ब्‍लड प्रेशर जैसी परेशानियां पैदा कर सकता है.

बच्‍चों और बुजुर्गों के लिए कितना नमक सही?
डॉ. माथुर की मानें तो युवा वर्ग के लिए 5 ग्राम नमक की सिफारिश की गई है ऐसे में बच्‍चों के लिए इससे कम मात्रा का ही सुझाव दिया जाता है. हालांकि उनके एनर्जी कंजप्‍शन के हिसाब से इसे थोड़ा बढ़ाया जा सकता है लेकिन 5 ग्राम से कम ही रखना जरूरी है. वहीं वृद्धावस्‍था में भी एडल्‍ट की तरह 5 ग्राम साल्‍ट इंटेक पर्याप्‍त है.

कैसे जानें 5 ग्राम से ज्‍यादा तो नहीं नमक
डॉ. प्रशांत कहते हैं कि नमक को हम भोजन की अलग वैरायटीज में खाते हैं, इसलिए यह पता लगा पाना कि 5 ग्राम से कम है या ज्‍यादा है थोड़ा मुश्किल है, लेकिन कम करने का एक तरीका है कि आप अभी रोजाना जितना नमक खा रहे हैं, उससे थोड़ा कम नमक भोजन में खाना शुरू कर दें. इसके लिए जो भी घर में भोजन बनाता है, उसे निर्देश दें. अगर नमक थोड़ा कम भी लग रहा है तो टेबल साल्‍ट न प्रयोग करें. सलाद, फल या दही में नमक न डालें, बिना नमक के ही खा लें. इसके अलावा रोजाना अचार, पापड़, तेज नमक वाले फूड्स खाना बंद कर दें. बाहर का खाना या फास्‍ट फूड आदि ये हफ्ते-15 दिन में एक बार लें या फिर न लें तो और बेहतर है.

Tags: ICMR, WHO

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