traffictail

वरदान से कम नहीं यह फल, स्किन-बालों के लिए रामबाण; पाचन तंत्र मजबूत करने में भी कारगर

SHARE:

रूपांशु चौधरी/हजारीबाग. हजारीबाग कृषि प्रधान जिला है, जिले में कई प्रकार की सब्जियों के साथ फलों का उत्पादन होता है. इसी में पपीता एक मुख्य फल है. ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश घरों में इसकी खेती की जाती है. पपीता को एक सेहतमंद फल माना जाता है, जिस कारण से लोग इसे खुब चाव से खाना पसंद करते हैं. आमतौर पर लोग पपीते को गर्मियों के मौसम में खाना पसंद करते हैं. लेकिन यह पपीता गर्मियों के साथ – साथ सर्दियों के मौसम में भी काफी फायदेमंद होता है. इससे शरीर के कई प्रकार के बीमारियां दूर होती हैं. साथ ही हमारे शरीर को कई प्रकार के पोषक तत्व मिलते हैं.

इस संबंध में हजारीबाग जिला आयुष अधिकारी देवनंदन तिवारी बताते हैं कि पपीता उदार रोग के लिए सबसे कारगर फल है, इससे पेट से जुड़ी हुई सभी समस्याएं दूर होती हैं. साथ ही इससे पाचन तंत्र भी मजबूत रहता है. पेचिस जैसी बीमारियों में भी लोगों को यह खाने की सलाह दी जाती है. पपीता में मुख्य रूप से फाइबर, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन सी, विटामिन बी9, पोटैशियम और मैग्नीशियम एक बेहतरीन स्रोत है. इसके साथ इसमें विटामिन बी1, विटामिन बी3, कैल्शियम, विटामिन बी5, विटामिन ई, और विटामिन के जैसे पोषक पाए जाते हैं.

त्वचा और बालों के लिए रामबाण
उन्होंने आगे बताया कि पपीता के रोजाना सेवन करने से जहां एक ओर पाचन तंत्र ठीक रहता है, वहीं दूसरी ओर इसके सेवन से त्वचा में रौनक बनी रहती है. इसके सेवन से झुर्रियां, पिंपल्स, दाग आदि नहीं आते हैं. वहीं स्कैल्प को हल्दी रखने के लिए पपीता काफी फायदेमंद होता है, जिससे स्कैल्प में डैंड्रफ, फंगस आदि नही आते हैं.

Tags: Hazaribagh news, Health, Jharkhand news, Latest hindi news, Lifestyle, Local18

Source link

Gypsy News
Author: Gypsy News

Leave a Comment