हाइलाइट्स
अमचूर को हृदय के लिए भी अत्यधिक गुणकारी माना जाता है.
यह मसाला आंखों को मोतियाबिंद से बचाने में भी मददगार हैं.
Dry Mango Powder Benefits: भारत में मसालों के बिना भोजन ‘अधूरा और नीरस’ है. विशेष बात है कि प्रकृति ने भारत में इतने अधिक मसाले पैदा होते हैं, जिनके चलते देश का खानपान पूरी दुनिया में मशहूर है. इन्हीं में से एक मसाला अमचूर (Dry Mango Powder) भी है. यह भोजन में अलग तरह का बेजोड़ खट्टा स्वाद तो भरता ही है, उसे सुरक्षित (Harmless) भी बनाता है. यह डाइजेशन सिस्टम में सुधार करता है और शरीर से विषाक्तता (Detoxification) भी निकाल बाहर करता है. फूड एक्सपर्ट इस मसाले को शरीर के लिए बेहद गुणकारी मानते हैं.
अमचूर को स्पेशल मसाला (Condiment) माना जाता है. उसका कारण है कि यह कालीमिर्च, दालचीनी, इलायची की तरह सीधे तौर प्रकृति प्रदत्त नहीं है. इसे तैयार किया जाता है. एग्मार्क लेब के संस्थापक निदेशक जीवन सिंह प्रुथी ने अपनी पुस्तक ‘Spices And Condiments’ में बताया है कि पुराने समय में जब आंधी आने पर कच्चे आम झड़ जाया करते थे तो किसान उन्हें छील-काटकर उन पर हल्दी लगाकर सुखा देते थे और जब उन्हें भोजन के लिए खट्टे मसाले की जरूरत होती थी तो इसे पीसकर इस्तेमाल कर लेते थे. आज भी अमचूर मसाले को ऐसे ही तैयार किया जा रहा है. लेखक के अनुसार यह मसाला पोषक तत्वों से भरपूर है. इसमें कम कैलोरी के अलावा प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, फास्फोरस, फाइबर, आयरन, कैरोटीन, विटामिन बी2, विटामिन सी व काफी मात्रा में साइट्रिक एसिड पाया जाता है.
अमचूर के विशेष गुण कर देंगे हैरान
1. डाइजेशन सिस्टम को सही व स्मूद रखने में अमचूर को बेहतर माना जाता है. मुंबई यूनिवर्सिटी के पूर्व डीन व वैद्यराज दीनानाथ उपाध्याय का कहना है कि यह मसाला प्रतिरोधी क्षमता से भरपूर है और आयुर्वेद भी इसे विशेष मानता है. इसका सेवन सामान्य मात्रा में ही किया जाना चाहिए, तभी यह शरीर को लाभ पहुंचाएगा. यह पाचन शक्ति को बढ़ाता है. अगर पाचन सिस्टम गड़बड़ है तो भी इसका उपयोग उसे ठीक कर देगा. असल में इसमें पाया जाने वाला विशेष तरह का खट्टापन व फाइबर पाचन सिस्टम को स्मूद रखने में भूमिका अदा करते हैं. इसका लाभ यह भी रहता है कि आपका वजन भी कंट्रोल में रहेगा. एक विशेष बात यह भी है कि अमचूर में पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी भी पाया जाता है, जो शरीर में वसा को तोड़ने का काम करता है. यही वसा मोटापे का कारण बनती है. दूसरी ओर स्वास्थ्य से जुड़े अमेरिकी संगठन एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) ने भी माना है कि सूखे आम का सप्लीमेंट बढ़ते वजन को नियंत्रित करने में मददगार हो सकता है.
2. अमचूर शरीर से तो विष निकालता ही है, साथ ही भोजन को भी विषाणुओं से बचाता है. इसमें पाए जाने वाला खट्टापन (Citric Acid) अलग ही प्रकार है जो किसी भी अन्य खाद्य पदार्थ में नहीं पाया जाता. असल में कच्चे आम में विटामिन्स व मिनरल्स पर्याप्त मात्रा में होते हैं, जो परिष्कृत होकर अमचूर में आ जाते हैं. यही समूह शरीर से विषाक्तता निकालने में मदद करता है और शरीर को विषाणुओं से मुक्त करता है. यह पेट को विषाणुओं से मुक्त रखने में भी कारगर है. विशेष बात यह है कि अमचूर का यही गुण भोजन को भी हाईजीन कर विषाणुमुक्त कर देता है. अचार में यह तभी डाला जाता है और सूखे मांस व सब्जियों को लंबे समय तक बचाए रखने के लिए अमचूर प्रयोग में लाया जाता है.
3. ऐसा भी माना जाता है कि अमचूर शरीर में भारी वसा को लगातार क्षतिग्रस्त करता रहता है, इसलिए इसे हृदय के लिए भी गुणकारी माना जाता है. अगर शरीर में भारी वसा का लगातार गलन होता रहेगा तो ब्लड प्रेशर का भी खतरा टला रहेगा. अगर ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में करना चाहते हैं तो अमचूर को एक विकल्प के तौर पर आजमाया जा सकता है. अमचूर में एंटीहाइपरलिपिडेमिक (Antihyperlipidemic) नामक यौगिक भी पाया जाता है जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मददगार है. यह ट्राइग्लिसराइड्स (Triglycerides) को भी रोकता है जो शरीर में वसा बढ़ाने का कारक है. इसका लाभ यह भी रहता है कि शरीर की धमनियां भी दुरुस्त रहेंगी जो सीधे तौर पर हृदय के कामकाज से जुड़ी हुई है.
4. अमचूर को आंखों के लिए भी गुणकारी माना जाता है. इसमे पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर को तो स्वस्थ रखते ही हैं, साथ ही आंखों को मोतियाबिंद से बचाने में भी मददगार हैं. इसमें आयरन भी पाया जाता है, इसलिए इसका नियमित सेवन रक्तअल्पता यानी एनीमिया से भी बचाव करता है. चूंकि अमचूर में विटामिन सी भी पर्याप्ता मात्रा में है, इसलिए यह स्कर्वी रोग से बचाता है जो हड्डियों व मांसपेशियों व रक्तवाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है. त्वचा के लिए भी इस मसाले को लाभकारी माना जाता है. इसमें पाई जाने वाली कम कैलोरी भी शरीर का फिटनेस बनाए रखती है.
अमचूर का इतिहास ओर सफर
अमचूर का ‘आविष्कार’ भारत में ही माना जाता है. फूड हिस्टोरियन मानते हैं कि चूंकि यह मसाला आम से ही निकला है और आम की उत्पत्ति सबसे पहले भारत में ही हुई थी, इसलिए यह भी अन्य विशेष मसालों की तरह देश का ही मसाला है. जीवन सिंह प्रुथी के अनुसार दक्षिण भारत में जिस प्रकार हजारों वर्षों से भोजन में इमली का प्रयोग हो रहा है, उसी तरह उत्तर भारत में इसको उपयोग में लाया जा रहा है. इस भारतीय मसाले की अन्य मसालों की तरह ही पूरी दुनिया में डिमांड है और इसे एक्सपोर्ट भी किया जाता रहा है. विदेशों में नॉनवेज को मेरिनेट करने के लिए अमचूर का खूब उपयोग होता है. भारत में दाल से जुड़े व्यंजनों व सूखी सब्जियों व पकौड़ों में इसका खूब उपयोग उपयोग होता है.
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FIRST PUBLISHED : December 13, 2023, 15:20 IST





