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कैंसर के लिए रामबाण है ये औषधि! बांझपन के इलाज में भी करागर, डॉक्टर से जानें इसका इस्तेमाल

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विनय अग्निहोत्री/भोपाल. हीरा भस्म व वज्र भस्म. एक शक्तिशाली आयुर्वेदिक औषधि है जिसका प्रयोग चिकित्सक असाध्य रोगों के उपचार में करते है. हीरक भस्म का प्रयोग शरीर और मष्तिष्क को बल देने में किया जाता है. हीरक भस्म का प्रयोग कैंसर जैसे भयानक रोग के उपचार में किया जाता है. यह भस्म एक दुर्लभ औषधि होने के कारण चिकित्सक इसका प्रयोग बड़ी ही सावधानी से करने की सलाह देते है.

लोकल 18 से बात करते हुए आयुर्वेद के जानकार डॉ सौरभ सिंह राजपूत ने बताया कि, आदिकाल से आयुर्वेद में लिखा गया है. वज्र भस्म को हीरक भस्म या हीरा भस्म भी कहते हैं यह रस शास्त्र में वर्णित एक अति उत्तम आयुर्वेदिक औषधि है जिसका प्रयोग स्वर्ण भस्म के साथ करने पर कैंसर पक्षाघात (लकवा) के नर्वस सिस्टम से संबंधित रोगों का इलाज किया जाता है. सौरभ ने बताया कि, किसी भी रोग के उपचार में किसी भस्म व औषधि का प्रयोग खुद से नहीं करना चाहिए. इसके लिए आप किसी अच्छे वैद्य से परामर्श लेकर ही प्रयोग करें. हीरा भस्म 5 मिलीग्राम से ज्यादा मात्रा में नहीं लेना चाहिए. आप इस भस्म को दुग्ध से साथ ले सकते है.

हीरक भस्म क्या है?
हीरा भस्म या डायमंड भस्म, शुद्ध हीरे की राख से प्राप्त एक आयुर्वेदिक औषधि है. सबसे कीमती रत्नों में से एक माने जाने वाले हीरे आभूषणों में तराशने पर न केवल शानदार दिखते हैं, बल्कि सरासर सुंदरता और खूबसूरती का भी बखान करते हैं. हीरा कार्बन तत्व का ठोस रूप है. पृथ्वी की सतह के काफी नीचे अत्यधिक उच्च तापमान और दबाव के तहत, कार्बन परमाणु एक अनोखे तरीके से जुड़ते हैं जिसके परिणामस्वरूप हीरे की सुंदर और दुर्लभ क्रिस्टलीय संरचना बनती है.

हीरक भस्म दिमाग को मजबूत बनाता है
हीरक भस्म के नाम से जाना जाने वाला हीरे का यह आयुर्वेदिक फॉर्मूलेशन त्रिदोष, मुख्य रूप से वात, पित्त और कफ के कारण होने वाले असंतुलन को ठीक करने के लिए बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है. शक्तिशाली कार्डियोप्रोटेक्टिव, कामोत्तेजक, इम्यूनोमॉड्यूलेटरी, कैंसर रोधी, एडाप्टोजेनिक, एंटीऑक्सिडेंट, रोगाणुरोधी और कायाकल्प गुणों से भरपूर, इसका उपयोग आंतरिक फोड़ा, कैंसर, ट्यूमर, मधुमेह, मोटापा, बांझपन, फिस्टुला, मूत्र समस्याओं, चक्कर के उपचार और प्रबंधन में किया जाता है. एनजाइना पेक्टोरिस , तपेदिक, एनीमिया , संधिशोथ और अन्य सूजन संबंधी स्थितियां. एक शक्तिशाली इम्यूनोमॉड्यूलेटरी एजेंट होने के कारण, यह दिमाग को भी मजबूत करता है.

Tags: Bhopal, Health News, Local18

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Author: Gypsy News

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