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Not only the fruit of red grain is beneficial, its leaves also will cure jaundice… – News18 हिंदी

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अर्पित बड़कुल/दमोह: अनार का फल खाने में जितना मीठा होता है उतना ही हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होता है.जिसका वैज्ञानिक नाम पुनिका ग्रेनटम है, जो स्‍वादिष्‍ट और औषधीय फलों के लिए जाना जाता है. इस पौधे के पत्ते छोटे और चिकने होते हैं जिनमें भरपूर मात्रा में औषधीय गुण मौजूद होते हैं.

आयुर्वेद की दृष्टि से इस पौधे से प्राप्‍त हर अंग का औषधीय उपयोग किया जा सकता है. चाहे वह अनार के पत्ते हो, अनार के फूल हों, अनार के फल, छिलके या छाल सभी उपयोगी है.इस लाल दाने वाले फल के पत्तों का उपयोग पीलिया उपचार, दस्‍त का इलाज करने, पेट का दर्द, अनिद्रा आदि के इलाज में होता है.

कान के दर्द के लिए है सरतियन दवा
यह लाल दाने वाला फलकान के दर्द के लिए रामबाण औषधि है. अनार के पत्ते बहुत लाभदायक हैं. इसके पत्तों को अच्छी तरह से धोने के बाद, इसे पीस लें और तिल या सरसों की कुछ मात्रा में मिला लें. इस मिश्रण की कुछ बूंदें अपने कान में डालने से आपको फायदा मिलेगा.

छुट्टा दस्‍त भी हो जाएंगे बंद
जो लोग दस्‍तो से परेशान हैं उनके लिए अनार के पत्ते दवा का काम करते हैं. ग्रामीण इलाकों में ज्यादातर लोग इसका सेवन कर दस्‍तो से छुटकारा पा लेते हैं.इसके हरे पत्तो का जूस बनाकर भी सेवन किया जा सकता है. इसके लिए आप अनार के जूस के साथ अनार के पत्ते के रस को मिलाकर सेवन करें. यह पेचिश सहित दस्‍त और आंतों संबंधी समस्‍याओं का इलाज करने में प्रभावी होता है.आयुर्वेद चिकित्सक डॉ अनुराग अहिरवाल ने कहा कि अनार के बीज ही नहीं बल्कि पूरा का पूरा पौधा ही गुणो की खान है इसका सेवन करने से पीलिया,कान का दर्द,मुंह के छाले ठीक हो जाएंगे.अनार के पत्तों में मौजूद एंटी-बैक्‍टीरियल और एंटीऑक्‍सीडेंट गुण मुंह में मौजूद बैक्‍टीरिया को नष्‍ट करने में मदद करते हैं. इस तरह से आप अपने मुंह में होने वाले छालों का इलाज करने के लिए अनार के पत्तों से बने जूस का उपयोग कर सकते हैं.

Tags: Damoh News, Health, Local18, Madhya pradesh news

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Gypsy News
Author: Gypsy News

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