अर्पित बड़कुल/दमोह. जिले के ग्रामीण कस्बों में अधिकतर मिलने वाला खट्टी इमली का पौधा आयुर्वेद में गुणकारी पौधा माना जाता है. इसका नाम लेते ही मुंह में पानी आ जाता है. इसमें कई तरह के एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण मौजूद होते हैं, जो शरीर को तगड़े फायदे पहुंचाते हैं. यह कई रोगों से शरीर की रक्षा करते हैं. इनमें फाइटोकेमिकल और अमीनो एसिड पाए जाते हैं.
इस खट्टे इमली के पौधे की ढेरों खूबियां हैं. इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं. वहीं इसके पल्प में फाइटोन्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं. यह शरीर की प्राकृतिक रूप से रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने का काम करते हैं. इसके अलावा शरीर में पनपने वाले संक्रमणों को कम करने में मदद मिलती है. इसका नियमित रूप से सेवन करने से यह शरीर के सभी अंगों को सुचारू रूप से दौड़ाने में कारगर औषधीय है, जो आयरन की कमी को भी पूरा करते हैं. साथ ही इसमें विटामिन सी अधिक मात्रा में पाया जाता है जिस कारण इसका रस पीना चाहिए, जिससे ब्लड सेल्स बनती हैं. इमली के रस के सेवन से एनीमिया की बीमारी दूर होती है. इसके साथ ही फ्री रेडिकल्स की समस्या भी दूर होती है.
आयुर्वेद चिकित्सक की नसीहत
डॉ ब्रजेश कुलपारिया ने बताया कि बुंदेलखंड क्षेत्र के अधिकांश इलाकों में इमली के झाड़ मिलते हैं. जो एक औषधीय पौधा है. इसके रस में कई तरह के पॉलिफिनॉल्स और फ्लेवोनॉयड्स पाए जाते हैं. यह शरीर में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल यानी बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने का काम करते हैं. इमली में पाए जाने वाले एंटी हाइपरटेंसिव तत्वों की वजह से ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद मिलती है.
वजन कम करने में मिलेगी मदद
इतना ही नहीं शरीर में पाचन से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने में कारगर औषधि है, जो फाइबर पाचन क्रिया को बेहतर रखता है. इसके साथ ही बार-बार भूख लगने की दिक्कत भी कम होती है, जो लोग अपना वजन कम करना चाहते हैं, उन्हें इमली के रस का सेवन करना चाहिए. इसमें हाइड्रोसील एसिड पाया जाता है. यह शरीर में जमा एक्स्ट्रा फैट को बर्न करने का काम करता है. इमली के सेवन से बॉडी के एक्स्ट्रा फैट को बंद करने में सहायता मिलती है और इससे वजन तेजी से कम होता है.
.
Tags: Damoh News, Health, Latest hindi news, Lifestyle, Local18, Mp news
FIRST PUBLISHED : November 9, 2023, 12:57 IST





