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आतिशबाजी करते वक्त जल जाए हाथ, तो गलती से भी ना करें ये काम, इस ट्रिक से करें इलाज, जानें डॉ की सलाह

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मोहित शर्मा/करौली. आतिशबाजी और हिंदू धर्म का साल का सबसे बड़ा दीपावली का त्यौहार आने वाला है. मान्यता अनुसार इस त्यौहार के अवसर पर घर पर दीपक जलाने के साथ-साथ छोटे बच्चें सहित हर उम्र के लोग आतिशबाजी के शौक को इसी त्यौहार पर पूरा करते हैं. ऐसे में यदि आप दीपावली के मौके पर आतिशबाजी करते वक्त गलती से जल भी जाए तो एक्सपर्ट की इस सलाह के अनुसार, घरेलू सामग्री से घर पर ही आसानी से इलाज कर जले हुए स्थान पर तुरंत आराम पा सकते हैं. हर साल देखा जाता है कि दिवाली पर पटाखे जलाते समय थोड़ी सी लापरवाही के चलते लोग हादसे का शिकार हो जाते हैं. जिसके बाद बिना सोचे समझे वह जले हुए घाव पर कुछ भी जल्दबाजी में लगाकर बाद में अपने लिए और ज्यादा तकलीफें पैदा कर लेते हैं.

ऐसे में आप एक्सपर्ट की इस सलाह और कुछ खास सावधानियां का ख्याल रखकर आतिशबाजी कर सकते हैं. करौली के समान अस्पताल के चर्म रोग और सौंदर्य विशेषज्ञ डॉ आदर्श जिंदल के मुताबिक आतिशबाजी करते वक्त कोई जल भी जाये तो इसके बाद आप घर रहकर थोड़ा बहुत इलाज अस्पताल जाने से पहले कर सकते हैं.

पानी का करें उपयोग
चिकित्सक के मुताबिक इसके लिए सबसे पहले आपको जली हुई जगह को पानी के नीचे रखना है. शरीर का जो भी पार्ट जला है उसको लगभग 10 से 15 मिनट पानी के अंदर या फिर रनिंग वाटर में रखना है. इसके बाद आप जले हुए स्थान पर बैंडेज या पट्टी भी लगा सकते हैं. ध्यान रखने की बात यह है कि जले हुए घाव रुई भूलकर भी ना लगाए. क्योंकि रुई का जले हुए स्थान पर चिपकने का डर रहता है. जिसे बाद में निकलने पर भी दर्द और परेशानी ज्यादा होती हैं. इसलिए ऐसी स्थिति में हमेशा सामान्य पट्टी या फिर सूती कपड़े का उपयोग करना चाहिए.

भूलकर भी ना करें ये काम
डॉ जिंदल का कहना है कि दिवाली के समय पटाखे चलाते वक्त सूती वस्त्र ही पहनने चाहिए. इससे चिपकने और जलने का खतरा काम रहता है. इसके अलावा यदि घर में कोई एंटीबायोटिक क्रीम या फिर सिल्वर सल्फर डाइजिंग क्रीम भी लगा सकते हैं. उनहोंने ने बताया कि यदि आप आतिशबाजी करते वक्त जल भी जाए तो ऐसी लापरवाही कतई नहीं करनी चाहिए. जैसे जिस स्थान पर जला हैं उस जगह पर तेज धार से पानी नहीं डालना चाहिए. जली हुई जगह पर आइस यानि बर्फ बिल्कुल नहीं लगानी है. उन्होंने बताया कि आजकल लोग जलने पर कोलगेट, तेल, वटर, घी जैसी कुछ भी चीज लगा लेते हैं. ऐसी कोई भी गलती नहीं दोहरानी है. सिर्फ आपको जलने वाली जगह पर ठंडे और क्लीन पानी से साफ करना है. उन्होंने बताया कि इसके अलावा जलने पर फफोले भी निकल जाए तो उन्हें हमको फोड़ना नहीं है. उनका इलाज आसानी से अस्पताल में जाकर चिकित्सक की सलाह पर ही करना है.

Tags: Diwali, Health, Karauli news, Local18, Rajasthan news

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Gypsy News
Author: Gypsy News

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