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कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ें, झारखंड HC में जनहित याचिका दायर

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हाइलाइट्स

झारखंड में सरकारी स्कूलों की शिक्षा की बदहाली पर जनहित याचिका.
झारखंड हाईकोर्ट में शिक्षा बदहाली पर दायर की गई जनहित याचिका.
कर्मचारियों-जनप्रतिनिधियों के बच्चों को पढ़ाने की अनिवार्यता की मांग.

रांची. शिक्षा को बुनियादी जरूरतों में ऊपर रखा गया है. इस सोच के साथ कि शिक्षित व्यक्ति ही सभ्य समाज और एक विकसित देश का सपना पूरा करने की क्षमता रखता है. लेकिन झारखंड की तस्वीर कुछ और ही बयां करती है. झारखंड हाईकोर्ट में राज्य में शिक्षा की बदहाली को बयां करते हुए एक जनहित याचिका दाखिल की गयी है, जिसमें सरकारी कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों के बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने की अनिवार्यता की मांग की गयी है.

झारखंड में शिक्षा की बदहाली को आंकड़ों में पेश कर झारखंड हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की गयी है. इसमें मांग की गयी है कि सरकारी स्कूलों में सरकारी कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों के बच्चों को पढ़ाना अनिवार्य किया जाए, ताकि सरकारी स्कूलों में सुधार के साथ साथ जिम्मेदारी और जवाबदेही को लेकर सिस्टम का इंटरेस्ट बना रहे. दरअसल, विधानसभा में विधायक अंबा प्रसाद की ओर से पूछे गये सवालों पर विभागीय मंत्री की ओर से दिए गये जवाब को ही याचिका में आधार बनाया गया है.

याचिकाकर्ता पंकज कुमार यादव ने बताया कि झारखंड में सरकारी स्कूलों की व्यवस्था बाकी राज्यों की तुलना में सबसे खराब है. याचिका में जिन बातों का जिक्र किया है, उसे आपको बताते हैं.

* सरकारी स्कूलों में सुधार को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर
* झारखंड में सरकारी स्कूलों की व्यवस्था बाकी राज्यों की तुलना में सबसे खराब
* 7000 से ज्यादा एकल विद्यालयों में शिक्षकों की अविलंब नियुक्ति की मांग
* प्राथमिक में 50%, माध्यमिक में 42%, हाईस्कूलों में शिक्षकों के 55% से ज्यादा पद रिक्त
* सरकारी स्कूलों में 15 लाख से ज्यादा बच्चे प्रतिदिन अनुपस्थित
* स्कूलों में शौचालय, प्लेग्राउंड, साफ सफाई की कमी
* फायर सेफ्टी, वज्रपात से बचने के लिए तड़ित चालक की व्यवस्था नहीं
* सरकारी स्कूलों में सबसे ज्यादा ST, SC, OBC वर्ग के ही बच्चे

याचिकाकर्ता पंकज कुमार यादव ने कोर्ट को बताया कि 7000 से ज्यादा ऐसे स्कूल हैं, जो सिर्फ एक-एक शिक्षक के द्वारा संचालित हो रहे हैं. कई विद्यालय ऐसे हैं जहां एक से लेकर पांचवीं तक के विद्यार्थी एक ही कमरे में एक ही शिक्षक द्वारा एक ही ब्लैक बोर्ड पर पढ़ते हैं. कई स्कूलों में सीनियर छात्र ही जूनियर बच्चों को पढ़ाते हैं.

Tags: Jharkhand High Court, Jharkhand news, PIL, Ranchi High Court

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Gypsy News
Author: Gypsy News

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