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VIDEO: 52 दिन जेल में रहने के बाद बाहर आए चंद्रबाबू नायडू, बोले- जब मैं मुसीबत में था… देखें गिरफ्तारी के बाद पहली झलक

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अमरावती: आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू की गिरफ्तारी के करीब 2 महीने बाद आज यानी मंगलवार को जेल से बाहर आए. राजमुंदरी जेल से बाहर निकलते ही आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम और टीडीपी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू के समर्थकों ने उन्हें घेर लिया. इस दौरान भारी संख्या में उनके समर्थक जुटे रहे. दरअसल, आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने मंगलवार को तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू को आंध्र प्रदेश कौशल विकास निगम में कथित घोटाला मामले में चार हफ्ते के लिए अंतरिम जमानत दे दी, जिसके बाद वह आज जेल से बाहर आए.

जेल से बाहर आते ही चंद्रबाबू नायडू ने अपने समर्थकों से कहा कि ‘जब मैं मुसीबत में था तो आप सभी सड़कों पर आए और मेरे लिए प्रार्थना की. मैं न केवल आंध्र प्रदेश में बल्कि तेलंगाना और दुनिया भर में मुझे दिए गए स्नेह को कभी नहीं भूलूंगा.’ बता दें कि चंद्रबाबू नायडू को नौ सितंबर को गिरफ्तार किया गया था. इससे पहले कोर्ट में चंद्रबाबू नायडू की ओर से पेश हुए वकीलों ने अदालत को सूचित किया कि उनके लिए मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराना जरूरी है. स्वास्थ्य आधार पर पूर्व मुख्यमंत्री को जमानत देते हुए अदालत ने उन्हें 28 नवंबर या उससे पहले राजामहेंद्रवरम में केंद्रीय जेल के अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया.

अदालत ने आदेश में कहा, ‘मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए और याचिकाकर्ता की स्वास्थ्य की स्थिति पर विचार करते हुए, यह अदालत याचिकाकर्ता को स्वास्थ्य आधार पर अंतरिम जमानत देती है, ताकि वह अपनी दाहिनी आंख की आवश्यक सर्जरी करा सकें.’ अदालत ने कई शर्तें लगाते हुए नायडू को निर्देश दिया कि उन्हें 1,00,000 रुपये की जमानत राशि और इतनी ही राशि के दो मुचलके निचली अदालत में जमा कराने होंगे.

तेदेपा प्रमुख को आत्मसमर्पण के समय केंद्रीय कारागार अधीक्षक को सीलबंद लिफाफे में उनके इलाज और जिस अस्पताल में उनका इलाज होगा, उसका विवरण उपलब्ध कराने का भी आदेश दिया गया. अदालत ने कहा, ‘याचिकाकर्ता मामले के तथ्यों से परिचित किसी भी व्यक्ति को अदालत या किसी अन्य प्राधिकारी को ऐसे तथ्यों का खुलासा करने से रोकने के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई प्रलोभन, धमकी या वादा नहीं करेगा.’

उच्च न्यायालय ने कहा कि अदालत का मानना है चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता वाले रोगी को तत्काल, प्रभावी और व्यापक उपचार दिया जाना चाहिए. अदालत ने कहा कि उपचार किस अस्पताल में कराना है यह मरीज पर निर्भर है. अदालत ने नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई की तारीख 10 नवंबर तय की. नायडू कौशल विकास निगम से धन के दुरुपयोग के आरोप में वर्तमान में राजामहेंद्रवरम जेल में बंद हैं। आरोप है कि इस कथित घोटाले की वजह से राजकोष को 300 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ. अदालत ने कहा कि नायडू को 28 नवंबर या उससे पहले राजामहेंद्रवरम में केंद्रीय जेल के अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण करना होगा.

Tags: Andhra paradesh, Chandrababu Naidu

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Gypsy News
Author: Gypsy News

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