कोलकाता. प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने पश्चिम बंगाल में कई करोड़ रुपये के कथित राशन वितरण घोटाले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग (money laundering) मामले में राज्य के मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक (Jyotipriya Mallick) को गिरफ्तार कर लिया है. आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. गिरफ्तारी के बाद ज्योतिप्रिय मलिक ने कहा, ‘मैं बहुत बड़ी साजिश का शिकार हुआ हूं.’
ईडी (ED) ने बताया कि मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक को 17 से 18 घंटे से अधिक की पूछताछ के बाद शुक्रवार तड़के धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलएल) के तहत गिरफ्तार किया गया. ज्योतिप्रिय मलिक को एक स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा जहां ईडी उनकी हिरासत की मांग करेगी.
खाद्यान्न वितरण से जुड़ा है कथित घोटाला
केंद्रीय एजेंसी ने बृहस्पतिवार को ज्योतिप्रिय मलिक के परिसरों की तलाशी लेना शुरू किया था. ईडी ने मध्य कोलकाता में एमहर्स्ट स्ट्रीट पर उनके पैतृक आवास की भी तलाशी ली. कथित घोटाला सार्वजनिक वितरण प्रणाली और कोविड लॉकडाउन के दौरान खाद्यान्न वितरण में कथित अनियमितताओं से संबंधित है.
तृणमूल ने छापेमारी की आलोचना
सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने छापेमारी की इस कार्रवाई को लेकर कहा कि यह ‘बदले की राजनीति के अलावा और कुछ नहीं है.’ तृणमूल नेता और राज्य की मंत्री शशि पांजा ने मलिक के आवासों पर छापेमारी की आलोचना करते हुए कहा, ‘यह विजय दशमी के अवसर पर बंगाल की संस्कृति पर हमला है. यह बदले की राजनीति के अलावा और कुछ नहीं है. हमने देखा है कि दुर्गा पूजा से पहले हमारे नेताओं के परिसरों पर उस समय छापे मारे गए थे, जब हम (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत) निधि जारी किए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे.’
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FIRST PUBLISHED : October 27, 2023, 10:06 IST





