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गाजा अस्पताल विस्फोट: PM मोदी ने अपनाया संतुलित स्टैंड, कहा- नागरिकों की मौत गंभीर चिंता का विषय

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नई दिल्ली: हमास संग जंग के बीच जैसे ही अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन बुधवार को इजरायल पहुंचे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बयान जारी कर गाजा के अल अहली अस्पताल पर हुए हमले में लोगों की मौत पर दुख व्यक्त किया. गाजा के अस्पताल पर हमले में बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने पर दुख व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि जारी संघर्ष में आम नागरिकों का हताहत होना गंभीर चिंता का विषय है और इसमें शामिल लोगों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए.

प्रधानमंत्री का यह बयान उनके पहले के दो बयानों के बाद आया है, जिसमें 7 अक्टूबर को हमास द्वारा किए गए आतंकवादी हमले के बाद इजरायल के साथ एकजुटता व्यक्त की गई थी. भारत ने अब दोनों पक्षों के नागरिकों के मारने जाने की घटना की निंदा की है और एक अच्छी संतुलन रेखा बनाए रखी है.

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PM मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, ‘गाजा के अल अहली अस्पताल में लोगों की दुखद मौत से गहरा सदमा लगा है. पीड़ित परिवारों के प्रति हमारी हार्दिक संवेदनाएं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना. जारी संघर्ष में आम नागरिकों का हताहत होना गंभीर और निरंतर चिंता का विषय है. इसमें शामिल लोगों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए.’ पीएम मोदी ने ठीक उसी वक्त यह पोस्ट किया, जब जो बाइडन इजरायल पहुंचे.

इजरायल पहुंचने के बाद जो बाइडन ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की उपस्थिति में कहा, ‘मैंने जो देखा है, उसके आधार पर ऐसा प्रतीत होता है जैसे यह (गाजा अस्पताल पर हमला) आपने नहीं, बल्कि दूसरी टीम ने किया होगा.’ इससे पहले आज जो बाइडन ने कहा कि वह गाजा के अल अहली अरब अस्पताल में विस्फोट और उसके परिणामस्वरूप जीवन की भयानक क्षति से गहरा दुखी हैं. बाइडन ने कहा कि अमेरिका संघर्ष के दौरान नागरिक जीवन की सुरक्षा के लिए स्पष्ट रूप से खड़ा है.

एक राजनयिक सूत्र ने बताया, ‘भारत आतंकवाद के साथ-साथ इजरायल और फिलिस्तीन दोनों में नागरिक हताहतों के खिलाफ है.’ हमले में 500 से अधिक नागरिकों के हताहत होने की बहुत बड़ी संख्या और इसके पीछे इजराइल या हमास का हाथ होने के विरोधाभासी वर्जन के साथ भारत ने एक संतुलन कायम कर रखा है.

इस बीच इजरायल ने एक वीडियो जारी कर दावा किया है कि गाजा के अस्पताल पर हमले के पीछे उसका हाथ नहीं था. इजरायल ने दावा किया कि हमास का रॉकेट मिसफायर होकर अस्पताल पर गिरा. हालांकि, फिलिस्तीन ने इस हमले के लिए इजरायल को दोषी ठहराया है.

भारत के प्रधानमंत्री के पहले के दो बयान इजरायल में हमास द्वारा 7 अक्टूबर को किए गए हमले की निंदा करने तक ही सीमित थे. पिछले हफ्ते एक संवाददाता सम्मेलन में भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भी यही बात दोहराई और कहा कि भारत हमास के कृत्य को एक आतंकवादी हमले के रूप में देखता है. साथ ही भारत की लंबे समय से चली आ रही स्थिति को दोहराते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा था कि इजरायल और फिलिस्तीन को शांति से सह-अस्तित्व में रहना चाहिए.

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने तब कहा था, ‘अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करना एक सार्वभौमिक दायित्व है. आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के खतरे से लड़ना भी एक वैश्विक जिम्मेदारी है.’ इजरायल-हमास जंग पर अरिंदम बागची ने कहा कि फिलिस्तीन पर भारत की नीति दीर्घकालिक और सुसंगत रही है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि भारत ने हमेशा इजरायल के साथ शांति से सुरक्षित और मान्यता प्राप्त सीमाओं के भीतर रहने वाले फिलिस्तीन के एक संप्रभु और स्वतंत्र देश की स्थापना के लिए सीधी बातचीत फिर से शुरू करने की वकालत की है.

Tags: India-Israel, Israel, Israel News, Israel-Palestine, Israel-Palestine Conflict, PM Modi

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Gypsy News
Author: Gypsy News

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