राजस्थान में 7 सांसदों को विधायकी का टिकट, राजे के करीबियों का कटा पत्ता, भाजपा की रणनीति से सब हैरान

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नई दिल्ली: राजस्थान विधानसभा चुनाव में 7 सांसदों को उम्मीदवार बनाने के भाजपा के ‘साहसिक’ कदम के बाद इन टिकटों के लिए नजरअंदाज किए गए लोगों ने विरोध शुरू कर दिया है, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया के कुछ वफादार भी शामिल हैं. वहीं मध्य प्रदेश में, शिवराज सिंह चौहान सरकार के नेताओं के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर की चर्चा के बावजूद भाजपा द्वारा फिर से 24 मंत्रियों को मैदान में उतारने से राजनीतिक विश्लेषक आश्चर्यचकित हैं. दोनों राज्यों के लिए कांग्रेस की सूची अब भी प्रतीक्षित है. पार्टी टिकटों की घोषणा के लिए 15 अक्टूबर से शुरू होने वाले नवरात्र का इंतजार कर रही है.

बीजेपी को राजस्थान में अपने ही नेताओं का गुस्सा शांत करने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, जहां राजे के कुछ वफादारों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. टिकट कटने वालो में से प्रमुख हैं पूर्व मंत्री और दो बार के पूर्व विधायक राजपाल सिंह शेखावत, जिन्हें झोटवाड़ा से बीजेपी ने इस बार अपना उम्मीदवार नहीं दिया है. तीन बार के मौजूदा विधायक नरपत सिंह राजवी का भी पार्टी ने विद्याधर नगर से टिकट काट दिया है. झोटवाड़ा में बीजेपी ने लोकसभा सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को मैदान में उतारा है, जबकि विद्याधर नगर में सांसद दीया कुमारी को उम्मीदवार बनाया है.

वसुंधरा राजे के करीबियों के टिकट भाजपा ने काटे
राजपाल शेखावत और नरपत राजवी को वसुंधरा राजे के करीबी के तौर पर देखा जाता है. राजवी ने यहां तक ​​पूछा है कि बीजेपी ने दीया कुमारी को क्यों चुना है जिनके ‘परिवार ने मुगलों के सामने घुटने टेक दिए थे’, जबकि शेखावत राठौड़ को ‘बाहरी’ करार दे रहे हैं. बाबा बालकनाथ, किरोड़ी लाल मीणा, भागीरथ चौधरी और देवी पटेल जैसे सांसदों की जगह टिकट काटने वाले नेता भी विरोध कर रहे हैं. हालांकि, भाजपा को लगता है कि राजपाल शेखावत और नरपत राजवी सहित इन उम्मीदवारों के पास उक्त सीटें जीतने का मौका नहीं था और इसलिए पार्टी ने कड़ी टक्कर देने के लिए अपने सांसदों को मैदान में उतारा है.

राजस्थान में 7 सांसदों को विधायकी का टिकट, राजे के करीबियों का कटा पत्ता, भाजपा की रणनीति से सब हैरान

इस बार के टिकट बंटवारे में भाजपा ने कुछ चौंकाने वाले फैसले भी लिए हैं- जैसे 8 ऐसे उम्मीदवारों को खड़ा करना जो पिछले चुनावों में निर्दलीय के रूप में लड़े थे और उन्हें अच्छी संख्या में वोट मिले थे, हालांकि वे हार गए थे. उन्हें अब कांग्रेस उम्मीदवारों के खिलाफ सबसे अच्छे दांव के रूप में देखा जा रहा है. बीजेपी के एक और आश्चर्यजनक उम्मीदवार विजय भैंसला हैं, जो गुर्जर आरक्षण आंदोलन के चेहरे किरोड़ी लाल भैंसला के बेटे हैं. उन्हें भगवा पार्टी ने राजेंद्र गुर्जर के स्थान पर टिकट दिया गया है. राजस्थान में बीजेपी ने फिलहाल 41 सीटों के लिए अपनी पहली लिस्ट जारी की है. आने वाले दिनों में अन्य सीटों के लिए भी उम्मीदवारों की घोषणा अपेक्षित है.

मध्य प्रदेश में बीजेपी ने पुराने चेहरों पर दांव लगाया
मध्य प्रदेश में, 24 मंत्रियों को फिर से चुनाव मैदान में उतारने के भाजपा के फैसले ने कुछ लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया है. क्योंकि पहले अटकलें थीं कि पार्टी शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर के कारण कई चेहरों का पत्ता काट सकती है. हालांकि, मंत्रिमंडल में शामिल अधिकांश वरिष्ठ चेहरों को टिकट मिला है, हालांकि भाजपा ने अभी तक शिवराज कैबिनेट में 8 अन्य मंत्रियों के टिकट पर फैसला नहीं किया है. ज्योतिरादित्य सिंधिया के सभी वफादार मंत्रियों को टिकट दिया गया है, जिससे अटकलें तेज हो गई हैं कि सिंधिया भी शिवपुरी सीट से चुनाव लड़ सकते हैं, जो उनकी चाची यशोधरा राजे सिंधिया द्वारा खाली की गई है. भाजपा ने पिछले महीने घोषित पहली सूची में पहले ही मध्य प्रदेश में सात सांसदों को चुनाव में उतार दिया है.

Tags: 5 State Assembly Elections in 2023, Assembly elections, Assembly Elections 2023, Rajasthan elections

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