वो एनडीए में आना चाहते थे, बढ़िया शॉल लेकर आए.., पीएम मोदी ने क्यों तेलंगाना सीएम को किया ‘बेनकाब’

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निजामाबाद (तेलंगाना). प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को दावा किया कि तेलंगाना की सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के मुखिया और मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने उनसे दिल्ली में मुलाकात कर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल होने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने उन्हें सत्तारूढ़ गठबंधन में प्रवेश देने से इंकार कर दिया. तेलंगाना में करोड़ों रुपए की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद यहां एक जनसभा के दौरान पीएम मोदी ने लोगों से कहा कि वह आज एक ऐसा खुलासा करना चाहते हैं, जो उन्होंने पहले कभी नहीं बताया.

उन्होंने कहा कि वह जो बताने जा रहे हैं, उसमें ‘शत प्रतिशत सच्चाई’ है. उन्होंने कहा कि हैदराबाद नगर निगम के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को 48 सीट मिली थीं और किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला था. पीएम मोदी ने कहा कि इस चुनाव से पहले केसीआर हवाई अड्डे पर पूरी फौज लेकर उनका स्वागत करने आते थे, बढ़िया-बढ़िया माला पहनाते थे और बहुत सम्मान करते थे.

हैदराबाद निगम चुनाव के बाद पीएम से मिलने गए थे केसीआर
उन्होंने कहा, “फिर क्या हुआ? अचानक बंद कर दिया? अचानक गुस्सा क्यों निकलने लगा? इसका कारण है कि हैदराबाद के चुनाव के बाद वह मुझसे दिल्ली में मिलने आए. बहुत बढ़िया मुझे शॉल ओढ़ाई. बहुत आदर किया. इतना प्यार दिखाया, इतना प्यार दिखाया… यह केसीआर के चरित्र में ही नहीं है. और फिर मुझे कहने लगे कि आपके नेतृत्व में देश प्रगति कर रहा है. हम भी एनडीए (राजग) का हिस्सा बनना चाहते हैं. आप हमें शामिल कर लीजिए.” पीएम मोदी के साथ केसीआर की यह मुलाकात 12 दिसंबर, 2020 को हुई थी.

पीएम ने केसीआर से कहा था, तेलंगाना की जनता से दगा नहीं कर सकते
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब उन्होंने केसीआर से इसकी वजह जानना चाही, तो उन्होंने हैदराबाद नगर निगम में भाजपा के समर्थन की मांग की. पीएम मोदी ने कहा, “मैंने केसीआर को कहा कि आपके कारनामे ऐसे हैं कि मोदी आपके साथ जुड़ नहीं सकता है. हैदराबाद में हमें विपक्ष में बैठना पड़ेगा, तो हम बैठेंगे. केसीआर की सरकार हमारे कार्यकर्ताओं पर जुल्म करेगी, तो हम जुल्म सहेंगे, लेकिन हम तेलंगाना की जनता से दगा नहीं कर सकते हैं.”

‘मैंने केसीआर को एनडीए में प्रवेश देने से इंकार कर दिया’
पीएम मोदी ने बताया कि उन्होंने केसीआर से कहा था कि भले तेलंगाना की जनता ने हैदराबाद में उन्हें 48 सीट दीं, भाजपा के लिए यह तेलंगाना का भाग्य बदलने की शुरुआत है. उन्होंने कहा, “मैंने उन्हें हर प्रकार से मदद करने से इंकार कर दिया. राजग में प्रवेश देने से इंकार कर दिया. फिर उसके बाद उनका दिमाग फटका. फिर तो वह दूर भागते रहे.”

सूत्रों का कहना है कि पीएम ने यह रहस्योद्घाटन इसलिए किया क्योंकि वह यह स्पष्ट करना चाहते थे कि भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) और भारतीय जनता पार्टी के बीच तेलंगाना में कोई “बैकहैंड डील” नहीं है और भाजपा राज्य में एक मजबूत ताकत है और इसीलिए सीएम भी एक समय एनडीए में शामिल होना चाहते थे. कांग्रेस दरअसल भाजपा और बीआरएस पर राज्य में सबसे पुरानी पार्टी को सत्ता में आने से रोकने के लिए समझौता करने का आरोप लगाती रही है.

सूत्रों ने यह भी कहा कि पीएम मोदी पार्टी कार्यकर्ताओं को यह स्पष्ट करना चाहते थे कि जब राज्य की राजनीति की बात आती है तो बीआरएस और भाजपा आमने-सामने हैं और पूरी ताकत के साथ विधानसभा चुनाव लड़ेंगे. पीएम ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने हैदराबाद नगर निगम में विपक्ष में बैठना चुना, लेकिन बीआरएस का पक्ष नहीं लिया, जो बीजेपी कार्यकर्ताओं को परेशान करती है.

पीएम मोदी ने यह दावा भी किया एक अन्य मुलाकात के दौरान केसीआर ने उनसे कहा था कि वह तेलंगाना की सत्ता अपने बेटे और बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के टी रामाराव को सौंप देना चाहते हैं. पीएम मोदी ने कहा, “उन्होंने (केसीआर) कहा कि मोदी जी, मैंने बहुत काम कर लिया. अब मैं सारा कारोबार केटीआर को दे देना चाहता हूं. मैं एक बार केटीआर को भेजूंगा. आप जरा उसको आशीर्वाद दे देना. यह उन्होंने मुझे कहा.”

प्रधानमंत्री ने कहा, “मैंने कहा केसीआर…यह लोकतंत्र है. तुम कौन होते हो बेटे को राजगद्दी सौंपने वाले? तुम कोई राजा-महाराजा हो क्या? मैंने कहा कि लोकतंत्र में तेलंगाना की जनता तय करेगी. किसको बिठाना है, किसको नहीं बिठाना है. बस वह दिन आखिरी था. उसके बाद एक बार भी आंखें नहीं मिला पा रहे हैं, वह मुझसे. मेरी परछाई भी देखने की हिम्मत नहीं बची उनकी.”

सूत्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री इसका खुलासा कर सकते थे क्योंकि भाजपा और मोदी खुद वंशवाद की राजनीति के खिलाफ रहे हैं और वह क्षेत्रीय दलों में “परिवारवाद” के खिलाफ सभी मंचों पर बोलते रहे हैं. जिस दूसरी मुलाकात की बात कही जा रही है वह तारीख 3 सितंबर 2021 हो सकती है. उसके बाद से केसीआर की कभी प्रधानमंत्री से मुलाकात नहीं हुई है. पीएम मोदी ने निजामाबाद में सरकारी कार्यक्रम में केसीआर की अनुपस्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘कोई भ्रष्टाचारी मेरे बगल में बैठकर ताप सहन नहीं कर सकता है, इसलिए वह भाग रहे हैं’.

Tags: Assembly election, K Chandrashekhar Rao, Narendra modi, Telangana

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