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भारतीय एजेंसियों की ‘किलेबंदी’ और गैंगवार से डर गए खालिस्तानी! अपने वर्चस्व के लिए आतंकी बना रहे हैं खतरनाक प्लान, गैंगस्टरों को साथ लाने की कोशिश

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नई दिल्लीः कनाडा की सरजमीं पर फल-फूल रहे खालिस्तानी अब एजेंसियों के अलर्ट होने के चलते काफी सतर्क हो गए हैं. वहीं गैंगवार के डर ने भी खालिस्तानियों के हौसलों को कमजोर करना शुरू कर दिया है. सूत्रों के मुताबिक कनाडा में बंबीहा ग्रुप के गैंगस्टर सुखदुल सिंह सुक्खा की हत्या के बाद एक तरफ खालिस्तानी मूवमेंट प्रभावित हुआ है तो वहीं अब विदेशी धरती पर गैंग वॉर के संकेत मिल रहे हैं. दरअसल, सुक्खा की हत्या के बाद फेसबुक पर एक लॉरेंस बिश्नोई गैंग नाम के पेज से एक पोस्ट शेयर किया गया, जिसमें उसकी हत्या की जिम्मेदारी ली गई थी.

वहीं अब जांच एजेंसियां गैंगस्टर्स के गैंगवार के इनपुट मिलने के बाद सतर्क हैं तो वहीं खालिस्तानी नेतृत्व के आका खुद को कमजोर नहीं होने देना चाहते हैं. इसीलिए अब खालिस्तानी मूवमेंट विदेशी धरती पर पनाह लिए गैंगस्टरो को अपने संगठन और बैनर तले आगे रखकर खुद की बुझती हुई चिंगारी को सुलगाना चाहते हैं. सूत्रों के मुताबिक ये हालात तब बन रहे हैं जब कनाडा में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या कर दी गई और उसके बाद सुक्खा की हत्या हुई और भारत की एजेंसियां वांटेड खालिस्तानियों के किलों को ढहाने में जुटी हुई हैं.

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दरअसल, विश्व स्तर पर भारतीय दबाव बढ़ने के बाद कनाडा में खालिस्तान के खिलाफ हालिया किलेबंदी भी उन्हें हाथ-पांव नहीं मारने दे रही है. ऐसे में खालिस्तानी लीडर कुछ ऐसे गैंगस्टरों से गठजोड़ करके वापस खौफ पैदा कर सकते हैं, जिसके लिए पहले भी भारतीय एजेंसियां संकेत दे चुकी हैं. भारत के वांटेड क्रिमिनल्स की हत्याओं को अंजाम देने के पीछे गैंगस्टरों की आपसी दुश्मनी को मुख्य तौर पर माना जा रहा है. लेकिन इन हत्याओं के बाद खालिस्तानी गुट अपने वर्चस्व को बनाए रखने के लिए विदेशी धरती पर लंबे समय से छिपे गैंगस्टरों को अपनी तरफ खींचने का प्रयास कर सकता है जो एक बड़ी गैंग वॉर के संकेत हैं.

सूत्रों के मुताबिक इस समय भारत के सभी भगौड़े गैंगस्टर्स कनाडा की अलग-अलग लोकेशन या उसके आसपास पनाह लेकर बैठे हैं और अपने गैंग को कनाडा से बाहर रहकर भी बढ़ा रहे हैं, जिसका सीधा फायदा अब खालिस्तानी मूवमेंट के लीडर उठाना चाहते हैं ताकि वो कनाडा में अपनी पैठ और मौजूदगी को दिखा सकें.

Tags: Canada, Khalistan

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Gypsy News
Author: Gypsy News

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