‘संजीवनी – यूनाइटेड अगेंस्ट कैंसर’ पहल की लॉन्चिंग 27 सितंबर को, जानें कार्यक्रम का पूरा शेड्यूल

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नई दिल्ली. न्यूज़18 नेटवर्क और फेडरल बैंक ने टाटा ट्रस्ट के साथ ‘संजीवनी – यूनाइटेड अगेंस्ट कैंसर’ मुहिम की शुरुआत की है, जिसे 27 सितंबर बुधवार को शाम 6 बजे नई दिल्ली में लॉन्च किया जाएगा. इस मुहिम का मकसद लोगों में कैंसर के प्रति ना सिर्फ जागरूकता लाना है, बल्कि उन्हें यह भी बताना है कि कैसे नियमित जांच के जरिए लोग इस खतरनाक बीमारी से निजात पा सकते हैं अथवा इसे बढ़ने से रोक सकते हैं.

तो आइए जानते हैं संजीवनी लॉन्च ईवेंट का पूरा शेड्यूल

दिनांक: बुधवार, 27 सितम्बर
समय: शाम 6:00 बजे से
स्थान: ओबेरॉय, नई दिल्ली
शाम 6:02 – शाम 6:25
आर्ट शोकेस + म्यूजिकल परफॉर्मेंस: चाइल्ड प्रोडिजी पेंटर अद्वैत कोलारकर और तबला वादक अनुराधा पाल द्वारा.
अद्वैत ने एक लाइव पेंटिंग बनाई है जो कैंसर से जूझ रहे लोगों के साथ आशा, शक्ति और एकजुटता का प्रतीक है.
तबला वादक अनुराधा पाल कला और संगीत के जादुई संगम में अद्वैत का साथ देंगी.
कैंसर की देखभाल के लिए धन जुटाने के लिए पेंटिंग की नीलामी की जाएगी.

शाम 6:25 – शाम 6:30
नेटवर्क18 संपादक/वरिष्ठ प्रबंधन द्वारा स्वागत भाषण – नाम टीबीसी
‘संजीवनी – यूनाइटेड अगेंस्ट कैंसर’ के पीछे के विचार को समझाते हुए कि स्क्रीनिंग के प्रति जागरुकता और समय पर कैंसर का पता लगाने से शीघ्र उपचार और बेहतर परिणाम प्राप्त हो सकते हैं. इसी मूल संदेश को लेकर कई एडिटर्स अपनी बात रखेंगे.

सेशन 1: शाम 6:30 – शाम 6:45
फेडरल बैंक के सीएमडी श्याम श्रीनिवासन के साथ बातचीत, संजीवनी और वैश्विक स्वास्थ्य पर स्थायी प्रभाव डालने की प्रतिबद्धता को लेकर वे क्या सोचते हैं. (इस दौरान टाटा ट्रस्ट के सिद्धार्थ शर्मा उपस्थित रहेंगे, लेकिन वे बातचीत का हिस्सा नहीं बनना चाहते हैं क्योंकि वे चाहते हैं कि उनका काम बोले)
मॉडरेटर: आनंद नरसिम्हन
थीम: कैंसर के खिलाफ एकजुट होने का मिशन

शाम 6:45 बजे – शाम 6:50 बजे
उम्मीद के नायक – कैंसर सर्वाइवर, रजनीश सिंह… कैंसर के बावजूद आशावान बने रहने के बारे में रजनीश के साथ एक संक्षिप्त बातचीत होगी.

सेशन 2: शाम 6:50 – शाम 7:05
विशेष संबोधन: डॉ. राजेंद्र बडवे, निदेशक, टाटा मेमोरियल सेंटर
थीम: शीघ्र जांच का महत्व
पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित, डॉ. बडवे ऑन्कोलॉजी में एक अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शख्स हैं. वह इस बारे में बात करेंगे कि कैसे कैंसर का शीघ्र पता लगने से जान बचाई जा सकती है.

सेशन 3, मंत्रिस्तरीय: शाम 7:05 – शाम 7:25
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया का मुख्य भाषण और उसके बाद संक्षिप्त बातचीत
मॉडरेटर: आनंद नरसिम्हन
थीम: कैंसर के खिलाफ भारत की लड़ाई

सेशन 4: शाम 7:25 – शाम 8:00
चिकित्सा विशेषज्ञों और डॉक्टरों के साथ पैनल चर्चा
मॉडरेटर: ज़क्का जैकब
थीम: कैंसर पर जीत
पैनलिस्ट:
डॉ. विनीत तलवार, निदेशक, मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग, राजीव गांधी कैंसर संस्थान, दिल्ली
डॉ. श्याम अग्रवाल, वरिष्ठ सलाहकार – मेडिकल ऑन्कोलॉजी, सर गंगा राम अस्पताल, दिल्ली
डॉ. हर्ष महाजन, एमडी, संस्थापक और अध्यक्ष, महाजन इमेजिंग एंड लैब्स, नई दिल्ली
डॉ. एसवीएस देव, प्रमुख, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, एम्स
डॉ. शर्मिला पिंपल, एम.डी., प्रोफेसर एवं चिकित्सक – प्रिवेंटिव ऑन्कोलॉजी विभाग, सेंटर फॉर कैंसर महामारी विज्ञान (सीसीई), टाटा मेमोरियल सेंटर
डॉ. सर्वेक्षण खन्ना, संस्थापक और अध्यक्ष, धर्मशिला कैंसर फाउंडेशन रिसर्च सेंटर

शाम 8:00 – शाम 8:05
हीरोज ऑफ होप – कैंसर सर्वाइवर, दिलशाद
5 मिनट की कहानी एक ऐसे व्यक्ति के बारे में जिसने कैंसर पर विजय प्राप्त की है और अब एक बहादुर सैनिक है.
संजीवनी के मूल संदेश ‘कैंसर के खिलाफ एकजुटता’ को बढ़ाना.

सेशन 5: शाम 8:05 – शाम 8:35
हेल्थकेयर में फार्मा लीडर्स/कॉर्पोरेट्स के साथ पैनल चर्चा
थीम: कैंसर देखभाल में इनोवेशन
मॉडरेटर: शेरीन
पैनलिस्ट:
अमिताभ दुबे, एमडी, नोवार्टिस इंडिया
प्रीता रेड्डी, वाइस चेयरपर्सन, अपोलो हॉस्पिटल्स
ल्यूक कॉटिन्हो, ल्यूक कॉटिन्हो होलिस्टिक हीलिंग सिस्टम्स के संस्थापक

सेशन 6: शाम 8:35 – शाम 8:45
टेड-टॉक: डॉ. गौरव नरूला (टाटा ट्रस्ट और डॉ. बदावे के माध्यम से)
थीम: बाल कैंसर के उपचार के लिए कार-टी सेल थेरेपी

सेशन 7: रात 8:55 – रात 9:30
उम्मीदों को जगाने वालों के साथ पैनल चर्चा
थीम: मैदान के अंदर और बाहर सितारे/ रोल मॉडल से उनके विचार जानना
पैनलिस्ट:
– लिसा रे: अभिनेत्री-लेखिका को 2009 में अस्थि मज्जा (Bone Marrow) के एक दुर्लभ प्रकार के कैंसर का पता चला था.
उन्होंने संस्मरण ‘क्लोज टू द बोन’ में अपनी कैंसर यात्रा के बारे में बात की है.
– युवराज सिंह: 2011 में मीडियास्टिनल सेमिनोमा का पता चला, युवराज सिंह की कीमोथेरेपी हुई और उन्होंने कैंसर को मात दी. 2012 में क्रिकेट में वापसी करते हुए उन्होंने कैंसर रोगियों और उनके परिवारों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए युवराज सिंह फाउंडेशन की शुरुआत की.
– अनुराग बसु: फिल्म निर्माता को 2004 में ब्लड कैंसर का पता चला था. जीने के लिए लगभग दो सप्ताह बचे थे. वह अक्सर कैंसर के खिलाफ अपनी लड़ाई के बारे में बात करते हैं और जो चीज उन्हें प्रेरित करती है वो है कभी हार न मानना.

रात 9.30 बजे कार्यक्रम का समापन

Tags: Cancer, Sanjeevani

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