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Rajasthan Results 2023 : राजस्थान की ये 10 VVIP सीटें, जिन पर टिकी सभी की नजर

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राजस्थान विधानसभा चुनाव के नतीजे आज थोड़ी देर में साफ हो जाएंगे. यहां सत्तारूढ़ कांग्रेस ने अपनी वापसी के लिए चुनाव में पूरी ताकत झोंक दी है, जबकि मुख्य विपक्षी भाजपा ने भी कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी. राजस्थान में लंबे समय से ऐसा रुझान है कि हर 5 साल में सरकार बदल जाती है. एग्जिट पोल के नतीजे भी इसका संकेत दे रहे हैं. इस बार विधानसभा चुनाव में, बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने कई कद्दावर नेताओं को मैदान में उतारा है, जिससे सियासी हलचल बढ़ गई है.

आइये राजस्थान की ऐसी ही 10 सबसे चर्चित व वीवीआईपी सीटों पर नजर डालते हैं…

1- सरदारपुरा
सरदारपुरा विधानसभा सीट पर सबकी निगाहें टिकी हैं. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खुद इस सीट से चुनाव मैदान में है. सरदारपुरा सीट को कांग्रेस का गढ़ माना जाता है और 1998 के बाद से पार्टी एक भी बार यहां चुनाव नहीं हारी है. आखिरी बार 1993 में बीजेपी ने इस सीट पर जीत हासिल की थी, उसके बाद से कांग्रेस कब्जा जमाती आ रही है. इस बार अशोक गहलोत के खिलाफ भाजपा ने महेंद्र सिंह राठौड़ को चुनाव मैदान में उतारा है. वह जोधपुर की जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं और जोधपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं.

2-झालरापाटन
झालरापाटन विधानसभा सीट, बीजेपी की कद्दावर नेता और राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया का गढ़ है. साल 2003 से लगातार इस सीट पर जीत हासिल करती आ रहीं सिंधिया इस बार भी यहां से चुनाव मैदान में हैं. कांग्रेस ने आखिरी बार 1998 में झालरापाटन सीट पर जीत हासिल की थी, उसके बाद से कोई जीत नसीब नहीं हुई.

3- टोंक
राजधानी जयपुर के करीब स्थित टोंक विधानसभा सीट कांग्रेस के गद्दार नेता सचिन पायलट की कर्मभूमि है. 2018 में इसी सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंचे थे और इस बार भी इसी सीट से चुनाव मैदान में हैं. बीजेपी ने उनके खिलाफ पूर्व विधायक अजीत सिंह को मैदान में उतारा है. दिलचस्प बात यह है कि अजीत सिंह इस सीट से 2013 में विधायक रह चुके हैं.

4-विद्याधर नगर
राजस्थान की विद्याधर नगर सीट इस बार खासी सुर्खियों में है. वजह बीजेपी ने जयपुर राजघराने से ताल्लुक रखने वालीं दीया कुमारी को यहां से मैदान में उतारा है. दीया कुमारी हाल के दिनों में राजस्थान की राजनीति में तेजी से उभरी हैं. ऐसे कयास लग रहे हैं कि भाजपा उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है.

5-सवाई माधोपुर
सवाई माधोपुर सीट से भाजपा नेता किरोड़ी लाल मीणा चुनाव मैदान में हैं. हाल के दिनों में उन्होंने कांग्रेस के खिलाफ चौतरफा मोर्चा खोला हुआ है. मीणा समुदाय के बड़े नेता माने जाने वाले किरोड़ी लाल मीणा साल 2003 में भी इसी सीट से जीत हासिल कर चुके हैं, हालांकि यह परंपरागत तौर पर यह सीट किसी पार्टी की नहीं है.

6-नाथद्वारा
राजस्थान की नाथद्वारा विधानसभा सीट पर भी दिलचस्प मुकाबला है. एक तरफ यहां कांग्रेस के पुराने नेता सीपी जोशी मैदान में है तो दूसरी तरफ बीजेपी ने महाराणा प्रताप के वंशज विश्वराज सिंह मेवाड़ को टिकट दिया है. राजपूत बहुल इस विधानसभा सीट पर काफी दिलचस्प मुकाबले उम्मीद है.

7- झोटवाड़ा
राजस्थान की झोटवाड़ा विधानसभा सीट भी खासी सुर्खियों में है. बीजेपी ने सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को यहां से चुनाव मैदान में उतारा है. साल 2018 में यह सीट कांग्रेस के कब्जे में थी. बीजेपी को उम्मीद है कि इस बार वह राज्यवर्धन सिंह राठौर के सहारे यह सीट अपने नाम करेगी.

8- चित्तौड़गढ़
चित्तौड़गढ़ विधानसभा सीट को भी VVIP सीट माना जाता है. बीजेपी ने दो बार के विधायक चंद्रभान सिंह का टिकट काटकर नरपत सिंह राजवी को मैदान में उतारा है. बड़ी बात है कि चंद्रभान सिंह इस सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं. ऐसे में दिलचस्प मुकाबला हो सकता है.

9-हवा महल
जयपुर की हवा महल सीट भी सुर्खियों में है. कांग्रेस ने यहां से महेश जोशी का टिकट काटकर आरआर तिवारी को मैदान में उतारा है. तो वहीं, बीजेपी ने स्वामी बालमुकुंद आचार्य को टिकट दिया है. साल 2013 में यह सीट बीजेपी के पास थी.

10- आमेर
इस बार आमेर विधानसभा सीट पर भी सबकी निगाहें टिकी हैं. एक तरफ बीजेपी के कद्दावर नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर सतीश पूनिया मैदान में हैं. तो दूसरी तरफ, कांग्रेस ने प्रशांत शर्मा को टिकट दिया है. आपको बता दें कि राजस्थान विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष डॉक्टर सतीश पूनिया 2018 में इसी सीट से चुने गए थे. इस बार भी उनकी जीत की संभावना जताई जा रही है.

Tags: Ashok gehlot, Rajasthan Assembly Election, Rajasthan Assembly Elections, Vasundhara raje

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Gypsy News
Author: Gypsy News

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