भोपाल. कुछ दिनों पहले एक कुत्ते को फांसी देकर तीन लोगों ने पूरे मध्य प्रदेश में सनसनी फैला दी थी. अब उस कुत्ते की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आ गई है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, फांसी देने से पहले आरोपियों ने कुत्ते की टांगें तोड़ दी थीं. उन्होंने सोची समझी साजिश के तहत इस वारदात को अंजाम दिया था. आरोपियों ने उसे दफनाने के लिए गड्ढा भी खोद लिया था. इस रिपोर्ट के बाद पुलिस आरोपियों के ऊपर धाराएं बढ़ा सकती है. पुलिस ने इस मामले में आरोपी रवि कुशवाहा, नेहा तिवारी और तरुण दास को गिरफ्तार कर लिया था. तीनों सहारा स्टेट कॉलोनी में अल्फा डॉग ट्रेनिंग एंड बोर्डिंग नाम से सेंटर चलाते थे.
बता दें, जिस कुत्ते को फांसी दी गई है उसे निखिल जायसवाल नाम के व्यापारी ने सेंटर में छोड़ा था. उन्होंने पुलिस को रिपोर्ट में लिखवाया था कि मैं शाजापुर में रहता हूं. मैंने चार महीने की ट्रेनिंग के लिए अपने कुत्ते पाकिस्तानी बुली डॉग को अल्फा डॉग ट्रेनिंग एंड बोर्डिंग को दिया था. यह सेंटर भोपाल के 11 मील स्थित सहारा स्टेट में संचालित किया जाता है. मेरे डॉग की ट्रेनिंग सितंबर महीने में पूरी होनी थी. लेकिन, जब मैंने ट्रेनिंग सेंटर पर फोन किया तो वहां से कहा गया कि अभी मेरे कुत्ते की ट्रेनिंग बाकी है. उसे वहीं रहने दें. हम फ्री में ट्रेनिंग देंगे. इस तरह उन्होंने कुत्ता देने से मना कर दिया.
कुत्ते के मालिक ने बताई ये कहानी
उन्होंने बताया कि मैंने 6 अक्टूबर को फिर फोन कर कहा कि मैं उसे लेने आ रहा हूं, तब भी सेंटर से कहा गया कि अभी उसे लेने मत आओ. उसे अभी सांस नहीं आ रही. हम सीपीआर दे रहे हैं. मैंने सेंटर के पदाधिकारियों से कहा कि उसे अस्पताल ले जाओ, लेकिन वे नहीं ले गए. मैं 9 अक्टूबर को सेंटर पहुंचा तो पता चला कि मेरा कुत्ता मर गया है. मैंने सेंटर के सीसीटीवी के फुटेज लेने चाहे तो उन्होंने उसे पहले ही डिलीट कर दिया था. मुझे सेटर वालों ने तीन घंटे बाहर बैठाया.
कुत्ते पर परिवार के खर्च हुए 15 लाख रुपये
निखिल ने पुलिस को शिकायत में कहा कि, आखिरकार सेंटर वालों ने रिकॉर्डिंग नहीं दी. मैंने जब रवि कुशवाह से कुत्ते के पोस्टमॉर्टम की बात की तो उसके हाथ-पैर कांप रहे थे. बाद में उसने मुझसे कहा कि आप सरकारी अस्पताल चले जाओ, वहां मेरी बात हो गई है. उसका पोस्टमॉर्टम नहीं किया है. आप वहां से अपना कुत्ता ले लो. मैं इस बात से बहुत परेशान हो गया. मैं अपने कु्त्ते को लेकर घर आया और उसका अंतिम संस्कार कर दिया. निखिल ने पुलिस को बताया कि पाकिस्तानी बुली डॉग का नाम सुल्ताना रखा था. वह मेरा पारिवारिक सदस्य था. उस पर मेरे करीब 15 लाख रुपये खर्च हो चुके थे. उसकी मौत से मुझे और मेरे परिवार को मानसिक आघात पहुंचा है.
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FIRST PUBLISHED : October 23, 2023, 12:27 IST





