साइबर फ्रॉड के सारे टोल-फ्री नंबर भूल जाइए… सिर्फ इस फोन नंबर को रखिए याद… कॉल करने पर रकम वापसी की पूरी गारंटी…

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देश में बैंकिंग फ्रॉड और यूपीआई ट्रांजेक्शन को लेकर कई तरह के फ्रॉड शुरू हो गए हैं. हालांकि, शिकायत के लिए कई टोल-फ्री और फोन नंबर पहले से मौजूद हैं. लेकिन, वे नंबर उतना इफेक्टिव नहीं हैं. इसलिए आए दिन साइबर फ्रॉड को लेकर शिकायत करने में लोगों को खूब धक्के खाने पड़ते हैं. लेकिन, मैं आपको आज ऐसे फोन नंबर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसका उपयोग करने से आपका पैसा 100 फीसदी वापस आ जाएगा. इस नंबर को डायल करने से देश की सारी साइबर फ्रॉड जांच एजेंसियां एक्टिव हो जाती हैं और आपके खाता से निकला हुआ पैसा रास्ते में ही रुक जाता है. बाद में ये रमक आपको मिल जाती है.

अगर आपके साथ किसी भी प्रकार का साइबर धोखाधड़ी हुआ है और आपके खाते से पैसा निकाल लिया गया है तो अब परेशान न हों. अगर कोई शख्स आपको लालच देकर ट्रांजेक्शन करा लिया है तो घबराएं नहीं. आप गृह मंत्रालय के फोन नंबर 155260 पर कॉल कर तत्काल ही जानकारी दें. आपका फोन रिसिव करने वाले आपसे कुछ सवाल पूछेंगे जैसे, आपका नाम, बैंक खाता, कार्ड नंबर और वॉलेट जिससे पैसे कटे हैं या दूसरे अकाउंट में गया है. आप इस दौरान सावधानी यह बरतें कि कोई पिन नंबर नहीं बताएं. इस नंबर का उपयोग कर कोई आपके साथ धोखा भी कर सकता है.

इस फोन नंबर पर कॉल करने पर पैसे की वापसी की गारंटी
भारत के गृह मंत्रालय ने तात्कालीक व्यवस्था की है, जिसके बारे में बहुत कम लोगों को पता है. एमएएचए ने साइबर फ्राड के लिए ही 155260 नंबर जारी किया है. इस पर डायल करने पर आपकी सारी समस्या का हल तुरंत ही मिल जाएगा. इसलिए अपने घर में दोस्तों को और सोशल साइट पर 155260 नंबर के बारे में लोगों को जागरूक करें और उसे नोटडाउन करने को कहें.

Cyber fruad effective phone number

गृह मंत्रालय ने तात्कालीक व्यवस्था की है, जिसके बारे में बहुत कम लोगों को पता है.

एमएचए के अधिकारी का दावा है कि आपके साथ साइबर फ्रॉड होने पर आप उसी मोबाइल नंबर से कॉल करें, जो बैंकिंग के लिए रजिस्ट्रर्ड कर रखा है. गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय साइबर क्राइम ब्यूरो ने यह व्वस्था की है. इस व्यवस्था के तहत देश का हर बैंक, बैकिंग पोर्टल, आरबीआई के साथ-साथ सभी प्रकार के फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन करने वाली संस्थाएं जुड़ी हैं.

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एमएचए कहा है कि इस नंबर पर डायल करने के बाद साइबर फ्रॉड के ट्रांजेक्शन में थोड़ा वक्त लगता है. इसी दौरान आपका पैसा अगले कुछ मिनटों में दूसरे रूट पर रोक दिया जाता है. इसके बाद फिर कुछ जरूरी कार्रवाई करने के बाद आपका पैसा फिर से आपके खाते में वापस कर दिया जाता है. हाल ही में यह फोन नंबर गृह मंत्रालय ने जारी किया है.

Tags: Bank fraud, Cyber Crime, Cyber Fraud, MHA, Upi

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