गुस्सा करने वालों के लिए अच्छी खबर ! नामुमकिन को मुमकिन कर सकती है यह आदत, स्टडी में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

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हाइलाइट्स

एक स्टडी में खुलासा हुआ है कि लक्ष्य हासिल करने में गुस्सा मदद कर सकता है.
कई लोग गुस्से में कठिन काम भी कर लेते हैं, जो सामान्य स्थिति में नहीं कर पाते हैं.

Feeling Angry May Help Achieve Goals: सेहत के लिए गुस्सा करना अच्छा नहीं माना जाता है. गुस्सा करने से कई परेशानियां पैदा हो सकती हैं. आपने भी अब तक गुस्सा करने के कई नुकसान सुने होंगे. एक हालिया स्टडी में खुलासा हुआ है कि गुस्सा आपके लिए फायदेमंद हो सकता है. गुस्सा आपको उन चुनौतियों और परेशानियों से उबरने में मदद कर सकता है, जिनकी वजह से आप अपना लक्ष्य हासिल नहीं कर पा रहे हैं. यह स्टडी जर्नल ऑफ पर्सनैलिटी एंड सोशल साइकोलॉजी में प्रकाशित हुई है. इस स्टडी में शामिल लोगों ने गुस्से में कई चुनौतीपूर्ण काम कर लिए, जो दुखी या खुश प्रतिभागी नहीं कर पाए.

इस स्टडी के लीड ऑथर और टेक्सस ए एंड एम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर हीदर लेंच ने कहा कि स्टडी के परिणाम बताते हैं कि लोग गुस्सा का इस्तेमाल प्रेरक यानी मोटिवेटर के रूप में कर सकते हैं. हालांकि स्टडी में एक चौंकाने वाली बात भी सामने आई है. इसके अनुसार जब आसान काम की बात आती है, तो गुस्से से लोगों के प्रदर्शन में सुधार नहीं होता है. इस रिसर्च के दौरान प्रतिभागियों को कई मुश्किल टास्क दिए गए थे और जो प्रतिभागी गुस्से की भावना में थे, उनके सफल होने की संभावना अधिक थी. यह बेहद दिलचस्प रिसर्च थी और इसके नतीजे भी चौंकाने वाले रहे. हालांकि गुस्सा सेहत के लिए अच्छा नहीं होता.

मनोविज्ञान विशेषज्ञों की मानें तो गुस्सा सभी प्रकार के लक्ष्य हासिल करने में कारगर नहीं हो सकता है. हो सकता है कि कुछ कठिन कार्यों के दौरान गुस्सा लक्ष्य हासिल करने में मददगार हो, लेकिन सभी मामलों में गुस्से के दम पर सफलता पाना संभव नहीं है. अत्यधिक गुस्से की वजह से हथेलियों में पसीना, सांस लेने में कठिनाई और हार्ट बीट बढ़ जाती है. यूरोपियन हार्ट जर्नल के 2022 के एक अध्ययन में पाया गया कि गुस्सा कुछ हृदय रोगों की वजह बन सकता है. खासतौर से पुरुष और डायबिटीज के मरीजों के लिए गुस्सा बेहद खतरनाक हो सकता है.

स्टडी के ऑथर की मानें तो प्रेमी से झगड़े के दौरान गुस्सा आक्रामक और अपमानजनक बर्ताव को बढ़ावा दे सकता है. इससे रिश्ते को नुकसान हो सकता है. लेकिन यह किसी को अपनी ज़रूरतों को स्पष्ट करने में भी मदद कर सकता है. गुस्सा मोटिवेटर हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम सोचना बंद कर दें. जब हमें गुस्सा आता है, तो रुकना और सोचना चाहिए कि हम गुस्से में क्यों हैं. शायद यह भी एक महत्वपूर्ण कदम है. कई जानकार यह भी मानते हैं कि अगर बहुत अधिक गुस्सा किया जाए, तो इससे लोगों के कार्यों को पूरा करने की क्षमता कम हो सकती है. गुस्सा एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है कि चीजें ठीक नहीं चल रही हैं और आपको बदलाव करने की जरूरत है.

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