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स्टारलिंक के लिए भारत में और कितना इंतजार? कितनी होगी इसकी कीमत? यहां जानें एक-एक डिटेल

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नई दिल्ली. Starlink एलन मस्क की एक कंपनी है जो सैटेलाइट इंटरनेट सर्विसेज उपलब्ध कराती है. अब ये कंपनी नियामक बाधाओं को दूर करने के बाद भारत में ऑपरेशन शुरू करने के लिए लाइसेंस पाने के लिए तैयार है. इस सर्विस से ग्रामीण और सुदूर इलाकों में रह रहे लोगों को इंटरनेट सेवा मिल सकेगी.

डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड को अपने शेयरहोल्डिंग पैटर्न को साफ करने के बाद स्टारलिंक को इस हफ्ते भारत सरकार से मंजूरी मिलने की उम्मीद है. दूरसंचार विभाग (DoT) स्टारलिंक को सशर्त मंजूरी दे सकता है.

विभाग एक नोट तैयार कर रहा है जिसे मंजूरी के लिए दूरसंचार सचिव नीरज मित्तल और संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव को भेजा जाएगा. एक बार जब वे अपनी मंजूरी दे देंगे, तो विभाग की सैटेलाइट कम्युनिकेशन्स विंग मस्क की कंपनी को मंजूरी जारी कर देगी.

स्टारलिंक ने 2022 में ग्लोबल मोबाइल पर्सनल कम्युनिकेशन बाय सैटेलाइट सर्विसेज (GMPCS) लाइसेंस के लिए आवेदन किया था. इसके साथ, यह Jio सैटेलाइट कम्युनिकेशन्स और OneWeb के बाद इस लाइसेंस पाने वाली तीसरी कंपनी बन जाएगी.

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हालांकि, DoT की मंजूरी कंपनी को तुरंत सैटेलाइट-बेस्ड ब्रॉडबैंड सेवा शुरू करने की अनुमति नहीं देगी. स्टारलिंक को अर्थ स्टेशन स्थापित करने के लिए नेशनल स्पेस प्रमोशन एंड ऑथराइजेशन सेंटर से भी मंजूरी की जरूरत होगी.

इन सभी स्वीकृतियों के बाद भी स्टारलिंक, वनवेब और जियो की सैटेलाइट आर्म को सर्विस ऑफर करने के लिए DoT द्वारा उन्हें स्पेक्ट्रम दिए जाने का इंतजार करना होगा. अमेजन की सैटकॉम आर्म – Project Kuiper – भी भारत में GMPCS लाइसेंस की मांग कर रही है.

कितनी मिलेगी स्पीड?
स्टारलिंक के मुताबिक यूजर्स आमतौर पर 25 और 220 Mbps के बीच डाउनलोड स्पीड एक्सपीरिएंस करते हैं. वहीं, ज्यादातर यूजर्स 100Mbps से ज्यादा की स्पीड एक्सपीरिएंस करते हैं. वहीं, अपलोड स्पीड आमतौर पर 5 और 20Mbps के बीच होती है. ये टेक्नोलॉजी उन ग्राहकों के लिए ज्यादा फायदेमंद है जो दूर दराज के इलाकों में रहते हैं. जहां ट्रेडिशनल इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे टॉवर और ऑप्टिकल फाइबर के जरिए नहीं पहुंचा जा सकता है.

कितनी होगी स्टारलिंक सर्विस की कीमत?
फिलहाल स्टारलिंक सर्विस की कीमत भारत में कितनी होगी ये साफ नहीं है. लेकिन, कंपनी के फॉर्मर इंडिया हेड के मुताबिक पहले साल की कीमत 1,58,000 रुपये हो सकती है. वहीं, 30 प्रतिशत टैक्स सहित सर्विस कॉस्ट दूसरे साल से 1,15,000 रुपये होगी. स्टारलिंक के इक्विपमेंट को एक-बार ही खरीदना होगा. यूजर इक्विपमेंट के लिए बेस प्राइस 37,400 रुपये हो सकती है. वहीं, सर्विस के लिए मंथली प्राइस 7,425 रुपये संभव है.

Tags: 5G Technology, Elon Musk, Internet, Internet Speed

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Author: Gypsy News

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