traffictail

Health Tips : बदलते मौसम में कैसे रखें छोटे बच्चों का ध्यान…जानें एक्सपर्ट की राय

SHARE:

अभिषेक माथुर/हापुड़. पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों में सर्दी अपना असर दिखा रही है. यही वजह है कि सर्द हवाओं के कारण तापमान भी दिन-प्रतिदिन गिर रहा है. ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी उन बच्चों को हो रही जो बहुत छोटे हैं. बदलते मौसम में छोटे बच्चों को सर्दी से बचाने के लिए उनके अभिभावक भी तमाम तरह के उपाय कर रहे हैं. बावजूद इसके बच्चे सबसे ज्यादा खांसी, सर्दी, जुकाम, बुखार आदि की चपेट में आ रहे हैं. ऐसे में किस तरह से बच्चों को सुरक्षित रखा जाए और बदलते इस मौसम में क्या-क्या सावधानी बरतनी चाहिए ये बड़ा प्रश्न अभिभावकों के सामने बना हुआ हैं.

हापुड़ जिले के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मयंक दीक्षित ने कहा कि मौसम बदलने से सबसे ज्यादा प्रभावित छोटे बच्चे होते हैं. अचानक ठंड़ और प्रदूषण बढ़ने की वजह से छोटे बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है. उसकी वजह है कि छोटे बच्चों की सांस की नली काफी छोटी होती है, जिससे खांसी, जुकाम और बुखार की समस्या बढ़ जाती है.

क्या है बुखार और खांसी का कारण?
डॉ. मयंक दीक्षित ने कहा कि ठंड से बचाव के लिए छोटे बच्चों को ज्यादा से ज्यादा मां अपने दूध का सेवन करना चाहिए , साथ ही पानी भी ज्यादा पिलाएं. बच्चे का गला सूखने से खांसी और बुखार ज्यादा होता है. डॉ. मयंक ने बताया कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में अथवा शादी समारोह में बच्चों का ख्याल रखना बहुत जरूरी है. कोशिश करनी चाहिए कि बच्चों को ऐसी जगहों पर ज्यादा नहीं लेकर जाना है और ठंड से बचाना है.

बदलते मौसम में रखें इन बातों का ध्यान
⦁ बच्चों को ठंडे पेय पदार्थ न दें और बाहरी खानपान से बच्चों को दूर रखें.
⦁ बच्चे को अगर बुखार हैं तो टेम्प्रेचर बढ़ने न दें. जैसे ही बुखार 100 से ऊपर हो या ज्यादा खांसी अथवा पसलियों का चलना हो, तो अपने निकटतम सरकारी अस्पताल या किसी डॉक्टर को तुरंत दिखाना चाहिए
⦁ बच्चों के खान-पान पर सबसे अधिक ध्यान देना चाहिए और कोशिश करें की बच्चों को घर का बना हुआ पौष्टिक आहार दें.
⦁ इस मौसम में हरी सब्जियों के साथ फल खिलाएं.
⦁ बच्चे के सिर में दर्द हो तो फौरन परामर्श करें
⦁ बुखार की दवा नियमित देते रहें
⦁ फ्रिज में रखा खानपान का सामान बच्चों को न दें
⦁ खाना तैयार होने के तीन घंटे में सेवन करें
⦁ छोटे बच्चों का नियमित टीकाकरण आशा बहनों या निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र में कराएं जिससे बीमारियों से बचा जा सकता है.

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और हेल्थ बेनिफिट रेसिपी की सलाह, हमारे एक्सपर्ट्स से की गई चर्चा के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, न कि व्यक्तिगत सलाह. हर व्यक्ति की आवश्यकताएं अलग हैं, इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही, कोई चीज उपयोग करें. कृपया ध्यान दें, Local-18 की टीम किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगी.

Tags: Hapur News, Health News, Life18, Local18, Uttar Pradesh News Hindi

Source link

Gypsy News
Author: Gypsy News

Leave a Comment