पूर्णिया. बड़ी खबर बिहार के पूर्णिया से है जहां सेंट्रल जेल में एक कैदी अमित कुमार ने खुदकुशी कर ली. कैदी अमित ने जेल कैंपस में ही पेड़ से लटककर खुदकुशी कर ली. जेल सुपरिंटेंडेंट राजीव कुमार झा ने बताया कि अमित कुमार चंपानगर का निवासी था. वह पोक्सो एक्ट का आरोपी था. अंडर ट्रायल केस चल रहा था.
जेल प्रबंधन के मुताबिक बुधवार को भी उसके केस की सुनवाई थी. शाम 6 बजे करीब जब कैदियों की गिनती हो रही थी तो एक कैदी कम पाया गया. जेल के गार्ड ने कैदी को भागते हुए देखा. जब तक लोग पहुंचते कैदी ने जेल कैंपस में ही पेड़ से लटक कर खुदकुशी कर ली. हालांकि खुदकुशी के पीछे कारण क्या है यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है. जेल प्रशासन द्वारा कैदी के परिजनों को सूचना दी गई है.
अभी तक परिजन अस्पताल नहीं पहुंचे हैं, वहीं प्रशासन शव के पोस्टमार्टम की तैयारी कर रहा है. इसके लिए मजिस्ट्रेट की नियुक्ति भी की गई है. डॉक्टरो का बोर्ड बनाया गया है. परिजनों के आने के बाद ही शव का पोस्टमार्टम होगा. खुदकुशी की घटना के पीछे का कारण अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आखिर जेल में क्यों कैदी ने खुदकुशी की है.
जेल के सिपाही भी कुछ भी बताने से अपनी असमर्थता जता रहे हैं. शव को जीएमसीएच में लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया है. दूसरी तरफ कैदी के पिता रविंद्र महतो ने कहा कि उनका बेटा अमित सेंट्रल जेल के वार्ड 4 में रहता था. उस वार्ड का वार्ड इंचार्ज जो सजायाफ्ता कैदी होता है उससे बराबर पैसे की मांग को लेकर टॉर्चर करता था. चार बार उसने 600 रुपए उसके द्वारा बताए गए खाते पर भेजा भी.
इसके बाद भी वह 2000 रुपए मांगता था. मौत से एक दिन पहले मंगलवार को अमित की मां भी कैदी से मिलने के लिए जेल में गई थी. उस समय अमित काफी परेशान था. उन्हें सूचना मिली कि जेल में उसका बेटा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया है. अभी वो लोग आए हैं और देख रहे हैं. दूसरी तरफ जेल उपाधीक्षक संतोष पाठक ने कहा कि शाम में जब कैदियों को वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा था तो गिनती के दौरान एक कैदी कम पाया गया. पूछने पर एक सिपाही ने कैदी अमित को भागते हुए देखा.
पीछे से जब लोग उसको पकड़ने दौड़े तो वह एक पेड़ पर चढ़ गया. उसके बाद वो लोग भी वहां गये. काफी मनाने का कोशिश की और पेड़ से उतारने का प्रयास किया. सिपाहियों ने पेड़ पर चढ़कर उसको नीचे उतारे तो वह बेहोश था. फिर जेल के डॉक्टर के द्वारा पहले इलाज किया गया फिर जीएमसीएच लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
उन्होंने कहा की यह तो जांच का विषय है कि किस वजह से उसकी मौत हुई. हालांकि मौत के बाबत जेल उपाधीक्षक ने कुछ भी स्पष्ट नहीं बताया. बहरहाल मजिस्ट्रेट और तीन डॉक्टरों के बोर्ड के द्वारा मृतक कैदी अमित के शव का पोस्टमार्टम कराया गया. आगे देखना है कि जांच में क्या मामला सामने आता है.
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FIRST PUBLISHED : December 7, 2023, 08:41 IST





