पटना. बिहार में शराबबंदी का कानून लागू है. ज्यादा दिन नहीं बीते, महज 26 नवंबर की ही बात है. मौका था नशा मुक्ति दिवस कार्यक्रम का. उद्घाटनकर्ता थे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार थे जहां अपने संबोधन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों से सख्त लहजे में कहा कि कहां है डीजीपी ? डीजीपी को भी इस कार्यक्रम में बुलाना चाहिए था. दरअसल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शराबबंदी कानून को लेकर पुलिस की भूमिका से नाराज दिख रहे थे.
उन्होंने कहा कि पुलिस वाले गड़बड़ कर रहे हैं उन्हें इस बात की जानकारी मिल रही है. आखिरकार मुख्यमंत्री का कहा हुआ सौ फीसदी सही साबित हुआ. सीएम के बयान के ठीक 1 दिन बाद 27 नवंबर को पटना के दीघा थाने में तैनात पुलिसकर्मियों की बड़ी करतूत सामने आई. दरअसल 26 नवंबर को ही दीघा थाने की पुलिस ने शराब की एक बड़ी खेप जब्त की थी. जब शराब को जब्त कर थाने लाया गया तब शराब की बरामद बोतलों में से कई बोतल पुलिसकर्मियों के बैरक में छिपाकर रख दिए गए.
पटना पुलिस के व्हाट्सएप पर इस बात की जानकारी एसएसपी को गोपनीय तरीके से दी गई. एसएसपी ने सिटी एसपी सेंट्रल वैभव शर्मा के नेतृत्व में एक जांच टीम का गठन किया. जांच टीम जब दीघा थाने के बैरक में पहुंची तब वहां जब्त शराब की बोतलों को देखकर दंग रह गई. चार टीम ने कार्रवाई के अनुशंसा की एसपी ने दीघा के थानेदार रामप्रीत पासवान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया, इसके अलावा चार पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज करते हुए दारोगा फुल कुमार चौधरी और ड्राइवर राजेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया.
दो होमगार्ड के जवान फिलहाल फरार होने में कामयाब हो गये. इस बड़े खुलासे के बाद पटना पुलिस में हड़कम्प मच गया है. देर रात तक पटना पुलिस के आलाधिकारी दीघा थाना में मौजूद रहे।।
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FIRST PUBLISHED : November 28, 2023, 07:59 IST





